7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एएमयू के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में पहली बार PDA device closure

अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में चार वर्षीय बालिका का पहली बार सफलतापूर्वक पीडीए का डिवाइस क्लोज़र किया है।

2 min read
Google source verification
अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी

अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज को एक और सफलता मिली है। कॉलेज के कार्डियोलोजी सेंटर एवं डिवीजन ऑफ पीडियाट्रिक कॉर्डियालोजी के चिकित्सकों द्वारा चार वर्षीय बालिका का पहली बार सफलतापूर्वक पीडीए का डिवाइस क्लोज़र किया गया।

इन्होंने किया ऑपरेशन
इस आपरेशन को पीडियाट्रिक कार्डियोलोजिस्ट डॉक्टर शाद अबकरी एवं इंटरवेंशनल कॉर्डियालोजिस्ट प्रोफेसर आसिफ हसन, डॉक्टर एम रफी अनवर एवं डॉक्टर मलिक एम अज़हर उद्दीन द्वारा किया गया। चार वर्षीय बालिका हार्ट फेल्योर और निमोनिया से पीड़ित थी। चिकित्सकों ने गहन परीक्षण करने के बाद उसका सफलता पूर्वक पीडीए डिवाइस क्लोजर किया। इसके बाद बालिका पूर्ण रूप से स्वस्थ है।

क्या है पीडीए
Patent Ductus Arteriosus (पीडीए) ऐसी वेसेल्स है जो कि शरीर के दो बड़ी वाहिकाओं को जोड़ता है और समान्य तौर पर जन्म के पश्चात बंद हो जाती है। लेकिन कुछ बच्चों में विशेष रूप से समय से पूर्व जन्म लेने वाले शिशुओं में यह खुली रहती है। इससे हार्ट फेल्योर, लगातार निमोनिया और वजन में असमान्य बढ़ोत्तरी देखने को मिलती है। अगर समय रहते इसको बंद नहीं किया जाए तो इससे हृदय के दायीं ओर के प्रेशर में अपरिवर्तनीय वृद्धि होती है, जिसको ऑपरेट नहीं किया जा सकता। इस बालिका का निशुल्क पीडीए किया गया, जिसके लिए एक समाजसेवी ने आगे बढ़कर दान दिया।

गौरव का विषय
कॉर्डियोलोजी सेंटर के निदेशक प्रोफेसर आसिफ हसन ने कहा कि यह मेडीकल कॉलेज में बढ़ती हृदय रोग संबंधी सुविधाओं की दिशा में यह सफल आपरेशन और एक अहम कदम है। यह जेएन मेडिकल कॉलेज और एएमयू बिरादरी के लिए गौरव का विषय है।

मुल्ला फरीद ने खगोलीय परंपराओं को निभाया
इस बीच अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी के इतिहास विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर गुल्फिशा खान ने ब्राजील के रियो डी जनीरो की फैडरल यूनिवर्सिटी में आयोजित हिस्ट्री ऑफ साइंस एण्ड टेक्नालोजी की 25वीं अन्तर्राष्ट्रीय कांग्रेस में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। इस अन्तर्राष्ट्रीय कांग्रेस का आयोजन वैश्विक और स्थानीय के संदर्भ में साइन्स, टेक्नालोजी और मेडिसन के विषय पर किया गया था। ‘‘मुल्ला फरीद अल दीन मसूद बिन हाफ़िज इब्राहीम देहलवीः वैज्ञानिक आधुनिकता पर प्रश्न’’ के विषय पर आधारित अपने शोध पत्र में डॉक्टर खान ने मुगल शासन शाहजहां के समय की खगोलीय तालिकाओं पर खगोल वैज्ञानिक (एस्ट्रोनोमर) और ज्योतिषि (एस्ट्रोलोजर) मुल्ला फरीद के कार्यों पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक कृषि समाज के लिए समय निर्धारित, कैलंडर और पंचांग को तैयार करने के लिए विभिन्न खगोलीय परंपराओं को मुगल दरबार ने बढ़ावा दिया।