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एक भी मुल्ला नहीं बोलेगा…मेरे होते हुए, भाजपा सांसद सतीश गौतम के बिगड़े बोल

Satish Gautam controversial statement : अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम ने विवादित बयान दिया है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है।

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भाजपा सांसद सतीश गौतम ने दिया विवादित बयान, PC- Patrika

अलीगढ़: भारतीय जनता पार्टी के अलीगढ़ से सांसद सतीश गौतम एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ कोल रजवाहा (नहर) को खाली कराए जाने के मुद्दे पर हुई बैठक के दौरान सांसद ने कथित तौर पर आपत्तिजनक और सांप्रदायिक टिप्पणी कर दी, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, कोल रजवाहा नहर को खाली कराए जाने को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों और जल शक्ति मंत्री की बैठक चल रही थी। बैठक के बाद सांसद सतीश गौतम ने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते हुए कहा, 'मैं यहां का सांसद हूं, एक मुल्ला नहीं बोलेगा। यहां एक परिंदा भी तभी उड़ेगा जब हमसे इजाजत ले लेगा।'

सांसद की इस भाषा शैली और कथित सांप्रदायिक टिप्पणी को लेकर मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा होती रही। हालांकि, सिंचाई विभाग के अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

विपक्ष का हमला, बयान को बताया असंवैधानिक

सांसद के इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है। विपक्ष का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां समाज को बांटने वाली हैं और एक संवैधानिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधि की गरिमा के खिलाफ हैं। विपक्ष ने भाजपा नेतृत्व से सांसद के बयान पर कार्रवाई की मांग भी की है।

जल शक्ति मंत्री की बैठक में थे सांसद

गौरतलब है कि इससे पहले सांसद सतीश गौतम, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की बैठक में भी शामिल हुए थे। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह अलीगढ़ के सर्किट हाउस सभागार में जनप्रतिनिधियों के साथ केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर समीक्षा बैठक कर रहे थे।

'केंद्रीय बजट से विकसित भारत के संकल्प को मजबूती' - स्वतंत्र देव सिंह

बैठक के दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की दिशा में आगे ले जाने वाला है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ठोस नीतियों के जरिए ज़मीन पर परिणाम देने का रोडमैप पेश करता है।

मंत्री ने बताया कि बजट में ग्रामीण भारत के उत्थान को विशेष प्राथमिकता दी गई है। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के माध्यम से खादी, हस्तकला, ओडीओपी, कौशल विकास और ब्रांडिंग को वैश्विक बाज़ार से जोड़कर गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि पशुपालन और कृषि से जुड़ी योजनाओं से किसानों की आय बढ़ाने की ठोस व्यवस्था की गई है। वहीं, शहरी विकास के तहत टियर-2 और टियर-3 शहरों को नए विकास केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर परिवहन और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।