अलीगढ़। राष्ट्र सेविका समिति के पथ संचलन में स्वयंसेविकाएं जब हाथों में तलवार व डंडे लेकर निकली तो लोग देखते ही रह गए पिछले दो सप्ताह से राष्ट्र सेविका समिति का यहां शिक्षा वर्ग चल रहा है, जिसमें आसपास के जनपदों के साथ उत्तराखंड की बालिकाएं भी इसमें शामिल हुई हैं। राष्ट्र सेविका समिति का पथ संचलन अचल ताल स्थित आर्य समाज मंदिर से सुसज्जित ड्रेस में निकला। स्वयंसेविकाओं के हाथों में डंडे के साथ तलवार भी दिखी। स्वयंसेविकाओं ने लयबद्ध तरीके से विभिन्न मार्गों पर पथ संचलन किया। जीटी रोड, रेलवे रोड, पत्थर बाजार, महावीरगंज और गुड़िया बाग पहुंचकर समाप्त हुआ। इस दौरान विभिन्न जगहों पर स्वयंसेविकाओं पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
आत्म संरक्षण मिलता है
इस मौके पर राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांता कुमारी ने कहा कि पूरे देश में प्रशिक्षण वर्ग चल रहा है। उन्होंने कहा कि गणवेश के साथ समाज को एक संदेश देना चाहते हैं। जैसे पथ संचलन में कदम से कदम मिलाकर चलते हैं, ऐसे ही सब परिवार, समाज व राष्ट्र में सबको कदम से कदम मिलाकर आगे जाना है। उन्होंने कहा कि हम सब को मिलकर राष्ट्र के विकास के बारे में सोचना है। यही जागृति लोगों में लानी है। लाठी और डंडे लेकर के चलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इससे बहनों के अंदर आत्मविश्वास का निर्माण होता है। भीतरी शक्ति रहती है और इससे आत्म संरक्षण भी मिलता है।
स्त्री राष्ट्र की आधारशिला
पथ संचलन में डेढ़ सौ स्वयंसेविकाओं ने भाग लिया, जो उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ उत्तराखंड से भी आई हुई हैं। राष्ट्र सेविका समिति का सूत्र है स्त्री राष्ट्र की आधारशिला है। कार्यक्रमों में सेविकाओं को शारीरिक शिक्षा, बौद्धिक विकास और मनोबल बढ़ाने के लिए विविध उपक्रम होते हैं।