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नोएडा से अलीगढ़ पहुंचा रिंकू सिंह के पिता का पार्थिव शरीर, 3 दिन से अस्पताल में साथ थीं मंगेतर प्रिया सरोज!

रिंकू सिंह के पिता खान चंद सिंह की स्टेज-4 लिवर कैंसर से मौत हो गई। उनका शव ग्रेटर नोएडा से अलीगढ़ लाया गया।

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Rinku singh

Rinku Singh Father Passed Away: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का पार्थिव शरीर ग्रेटर नोएडा से उनके पैतृक गांव अलीगढ़ लाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, शाम को अलीगढ़ में ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूरा परिवार इस दुख में डूबा हुआ है। रिंकू सिंह के भाई और अन्य रिश्तेदार अंतिम विदाई की तैयारियां कर रहे हैं। उनके पिता खानचंद सिंह का निधन शुक्रवार सुबह करीब 4.36 बजे हो गया। वे 60 साल के थे और स्टेज-4 लिवर कैंसर से लंबे समय से जूझ रहे थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें अलीगढ़ से ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटलमें भर्ती किया गया था। वहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। अस्पताल ने निधन की पुष्टि की है।

टी20 वर्ल्ड कप से बीच में घर लौटे रिंकू

पिता की खबर मिलते ही रिंकू सिंह टी20 वर्ल्ड कप के कैंप से चेन्नई से घर की ओर रवाना हो गए थे। वे टीम इंडिया के साथ सुपर-8 मैचों में थे, लेकिन पिता के हालात देखकर कुछ दिन पहले अस्पताल पहुंचे थे। बाद में वे टीम में वापस लौटे और जिम्बाब्वे मैच के लिए उपलब्ध थे, लेकिन खेल नहीं पाए। अब निधन की खबर मिलने पर वे फिर से चेन्नई से अलीगढ़ के लिए रवाना हो चुके हैं।

मंगेतर प्रिया सरोज परिवार के साथ

रिंकू सिंह की मंगेतर प्रिया सरोज, जो मछलीशहर से सांसद हैं, कई दिनों से रिंकू के परिवार के साथ हैं। प्रिया के पिता तूफानी सरोज ने मीडिया को बताया कि प्रिया लगातार परिवार के साथ थीं। वे खुद भी रात में अस्पताल गए थे। वापस आते समय रास्ते में ही निधन की सूचना मिल गई। प्रिया और उनका परिवार इस दुख में रिंकू के साथ खड़े हैं। दोनों की शादी जून 2026 में होने वाली है।

क्रिकेट जगत में शोक की लहर

रिंकू सिंह के पिता की मौत पर क्रिकेट जगत में शोक है। पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया पर दुख जताया और कहा कि रिंकू और परिवार के लिए यह बहुत कठिन समय है। बीसीसीआई ने भी श्रद्धांजलि दी है। खानचंद सिंह ने गरीबी में रहकर भी रिंकू को क्रिकेट खेलने के लिए प्रोत्साहित किया था। घर-घर गैस सिलेंडर ढोकर परिवार चलाया और बेटे की सफलता देखी। आज जब रिंकू टीम इंडिया में चमक रहे हैं, तब उनका साथ छूट गया।