
मोहन भागवत की यह बैठक मडराक थाना क्षेत्र के सिंगापुर गांव में चल रही है। भागवत का अलीगढ़ आगमन 14 साल बाद और इतिहास में तीसरी बार हुआ है जिसे 2027 के चुनावों से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में गंगा और यमुना नदियों में बढ़ते प्रदूषण के साथ-साथ देश में जातियों में बांटने की कोशिश जैसे सामाजिक मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल हैं। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के शामिल होने की भी संभावना है, जो युवा पीढ़ी को सामाजिक जागरूकता से जोड़ने का प्रयास है।
कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें भारी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं। चर्चा का समय एक घंटे निर्धारित किया गया है, जो तय समय पर शुरू होगी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए क्षेत्र में आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है।
मोहन भागवत का यह दौरा सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गंगा और यमुना के प्रदूषण को लेकर चिंता जताते हुए कार्यकर्ताओं ने कहा कि संघ इस दिशा में ठोस कदम उठाने की योजना बना रहा है। साथ ही, देश में जातिगत विभाजन की कोशिशों को रोकने के लिए भी रणनीति बनाई जाएगी। बैठक के बाद संघ की ओर से सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण के लिए नए कार्यक्रमों की घोषणा की उम्मीद है। यह दौरा न केवल अलीगढ़ बल्कि पूरे ब्रज क्षेत्र में आरएसएस की गतिविधियों को मजबूती देगा।
सोर्स: IANS
Published on:
18 Apr 2025 04:05 pm
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