
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के एक प्रोफेसर पर नौकरी दिलाने के नाम पर ढाई लाख रुपए की ठगी का आरोप लगा है। जिस युवक ने आरोप लगाया है वह एएमयू में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के तौर पर काम करता था। युवक ने प्रोफेसर के खिलाफ अर्जी दाखिल कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
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दरअसल औरंगाबाद, बिहार निवासी मो. आमिर एएमयू में अस्थाई चपरासी के तौर पर काम कर रहा था। अब आमिर को नौकरी से निकाल दिया गया है। आमिर का आरोप है कि काम करने के कुछ दिन बाद प्रोफेसर ने उसके पिता मो. जिलानी से कहा था कि उसका बेटा अच्छा काम कर रहा है, वह उसे स्थायी करवा देगा। स्थाई नौकरी लगवाने के एवज में ढाई लाख रुपए की मांग की। आरोप है कि ढाई लाख रुपए देने के बाद भी नौकरी नहीं लगवाई बल्कि अस्थाई नौकरी से भी निकलवा दिया। मो. जिलानी ने मामले में कोर्ट और पुलिस अधिकारियों को अर्जी देकर मुकदमे की मांग की है।
वहीं प्रोफेसर का कहना है कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। शिकायतकर्ता उसके पैतृक गांव का है जिसकी मदद करते हुए अस्थाई चपरासी की नौकरी दिलाई थी। नौकरी लगने के कुछ महीनों बाद उसने निजी कार्य के लिए उधार रुपए मांग लिए। इनमें से कुछ रुपए वापस कर दिए। बाकी रुपए वापस न करने पढ़ें इसलिए झूठे आधारहीन आरोप लगा रहा है।
Published on:
29 Nov 2019 02:25 pm
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