
#TastyTasty
अलीगढ़। पत्रिका के विशेष कार्यक्रम टेस्टी- टेस्टी (TastyTasty) के तहत आज हम बात करेंगे अलीगढ़ की मशहूर मिठाई चमचम की। चमचम मिठाई अलीगढ़ की तहसील इगलास में बनाई जाती है। दूध के छैना से बनने वाली यह मिठाई इतनी स्वादिष्ट है कि एक बार जो खाता है, वह दोबार जरूर मांगता है। दीपावली पर यह मिठाई घर पर भी बनाई जा सकती है।
रघुवर दयाल ने किया था आविष्कार
इगलास के रघुवर दयाल ने चमचम का आविष्कार किया था। तब सारा काम हाथ से होता था। धीरे-धीरे यह मिठाई इतनी मशहूर हो गई कि कई कारखाने खुल गए। चमचम बनाने के काम में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों लोग रोजगाप पा रहे हैं।
कैसे बनाएं
रघुवर दयाल के पुत्र दिनेश चन्द्र सिंघल ने बताया कि चमचम को कैसे बनाया जाता है। सबसे पहले दूध में खट्टा डालकर छैना बनाया जाता है। फिर छैना में इलायची और सूजी मिलाई जाती है। इलायची इसलिए कि सुगंध आ जाए। सूजी इसलिए कि छैना का लड्डू बन जाए। फिर इस लड्डू (गोली) को चीनी की चासनी में पकाया जाता है। जब छैना की गोली गुलाबी रंग की हो जाए तो मिठाई तैयार हो जाती है। फिर इसे खुले थाल में थोड़ी सी चासनी के साथ रखा जाता है ताकि शीतल हो सके। फिर डिब्बे में पैक की जाती है। अगर मिठाई खुली रखी है तो 15 दिन तक खराब नहीं होती है। डिब्बे में पैक होने के बाद सात दिन तक खराब नहीं होती है।
घर पर भी बना सकते हैं
दिनेश चंद्र सिंघल बताते हैं कि इस मिठाई को घर पर भी आराम से बनाया जा सकता है। यह पूरी तरह शुद्ध होती है। ज्यादा सामान भी नहीं चाहिए। दूध, इलायची, सूची और चीनी चासनी से मिठाई बन जाती है। दीपावली पर घर आने वाले मेहमानों को चमचम खिलाएंगे तो वे नए स्वाद से परिचित होंगे।
Updated on:
23 Oct 2019 11:40 am
Published on:
23 Oct 2019 01:00 pm
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