
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव के नतीजों का आकलन करें तो पाते हैं कि यहां भारतीय जनता पार्टी ने खराब प्रदर्शन किया। नगर निगम क महापौर पद तो हाथ से गया ही, जिले में भी कुछ नहीं किया सका। अलीगढ़ को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का गढ़ माना जाता है। वे इस समय राजस्थान के राज्यपाल हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी यहां हुई सभा में कल्याण सिंह के वजूद का अहसास कराया था। जिले की 12 निकायों में से मात्र तीन में भाजपा जीत सकी है। एक बसपा, दो सपा और छह को निर्दलीयों ने जीता है।
भाजपा से बसपा ने छीनी सीट
आगे बढ़ने से पहले नगर निगम की बात करते हैं। यहां से भारतीय जनता पार्टी ने मेयर पद पर डॉ. राजीव अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया था। शुरुआती बढ़त के बाद वे पिछड़ गए। यहां से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी मोहम्मद फुरकान ने जीत हासिल की है। इस तरह कल्याण सिंह के शहर अलीगढ़ ने बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती को संजीवनी दी है। अलीगढ़ की जीत ने बसपा कार्यकर्ताओं को भी उत्साहित कर दिया है। अब वे 2019 में होने वाले चुनाव की चर्चा करने लगे हैं। बता दें कि पिछली बार भारतीय जनता पार्टी की शकुंतला भारती महापौर थीं। इस तरह बसपा ने यह सीट भाजपा से छीनी है।
सांसद-विधायक ने लगाया था जोर, फिर भी हारे
नगर पालिका परिषद खैर में चेयरमैन पद पर निर्दलीय संजीव कुमार ने 8567 वोट लेकर जीत हासिल की है। पिछली बार यहां से भाजपा के पंकज पवार चेयरमैन थे। सीट सामान्य होने से संघ परिवार के संजीव अग्रवाल ने टिकट मांगा। टिकट नहीं मिला तो बागी हो गए। किसी के मनाए नहीं माने और चुनाव लड़ा। इसका परिणाम यह हुआ कि भाजपा प्रत्याशी अन्नू आजाद चुनाव हार गए। खैर की सीट के लिए सांसद सतीश गौतम और विधायक अनूप वाल्मीकि ने पूरा जोर लगा दिया था, फिर भी सफलता नहीं मिली। वैश्य समाज ने भाजपा का साथ नहीं दिया। अबकी यहां भाजपा धड़ाम हो गई।
बड़ी मुश्किल से जीती जा सकी अतरौली सीट
नगर पालिका परिषद अतरौली में चेयरमैन पद पर भाजपा प्रत्याशी पवन कुमार ने 13014 मत लेकर जीत हासिल की है। भाजपा ने अतरौली से गोपाल माहेश्वरी को प्रत्याशी बनाया था। इस पर पवन वर्मा बागी हो गए और पर्चा भर दिया। विरोध देख भाजपा ने पवन वर्मा को प्रत्याशी बना दिया। इससे वैश्य समाज ने नाराजगी प्रकट की। सपा की ओर से कबीर खान प्रत्याशी थे। कांटे के संघर्ष में भाजपा बमुश्किल यहां से चुनाव जीती है। कस्बा जलाली में भाजपा के रोरन बघेल ने जीत दर्ज की। बेसवां सीट भाजपा के मनोज कुमार ने जीती है।
छह सीटें निर्दलीयों के हाथ
हरदुआगंज नगर पंचायत से से निर्दलीय तिलकराज यादव ने चुनाव जीता है। उन्होंने निर्दलीय राजेश यादव को चुनाव हराया। हरदुआगंज में चेयरमैन पद इन्हीं दो परिवारों के पास रहता है। पिलखना में निर्दलीय मोहम्मद आरिफ चेयरमैन बने हैं। मुस्लिम बहुल होने के कारण भाजपा ने यहां से प्रत्याशी तक नहीं उतारा था। इगलास में निवर्तमान चेयरमैन कमलेश शर्मा को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया था, लेकिन उन्हें निर्दलीय ओंकार ने बुरी तरह हराया। जट्टारी में निर्दलीय राजपाल ने चुनाव जीता। यहां के चेयरमैन मनवीर थे, लेकिन सीट आरक्षित होने के कारण उन्होंने राजपाल को चुनाव हराकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। इगलास और जट्टारी सीट भी भाजपा हार गई। उन्होंने भाजपा को हराया। विजयगढ़ में निर्दलीय संजीव काका फिर से चुनाव जीत गए। उनकी मां भी चेयरमैन रह चुकी हैं। यहां से भाजपा के पदाधिकारी रहे नीरज गोयल तीसरे नंबर पर रहे हैं।
सपा
छर्रा में सपा की रहीसो जमानी फिर से चुनाव जीत गईँ। भाजपा दूसरे स्थान पर रही हैं। कौड़ियागंज में सपा के इरफान खान जीते।
देखें चुनाव परिणाम
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष
खैर, संजीव, निर्दलीय
अतरौली, पवन कुमार, भाजपा
नगर पंचायत अध्यक्ष
बेसवां मनोज कुमार भाजपा
पिलखना गुलाम मुहीउद्दीन, निर्दलीय
छर्रा रईसो जमानी, सपा
जट्टारी राजपाल, निर्दलीय
हरदुआगंज तिलकराज, निर्दलीय
इगलास ओंकार प्रसाद, निर्दलीय
कौड़ियागंड इरफान खान, सपा
जलाली रोशन सिंह, भाजपा
विजयगढ़ संजीव कुमार, निर्दलीय
Published on:
02 Dec 2017 10:00 am
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