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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित विधायक कि बेटी के शादी के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार को दिन भर हाई प्रोफाइल ड्रामा चलता रहा। सोमवार की सुबह साक्षी व अजितेश मामले की सुनवाई हुई। पेशी के बाद कोर्ट से बाहर निकलने के दौरान अजितेश के साथ कोर्ट परिसर में झड़प की भी खबर आई। इस मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया कहा कि दोनों युगलों को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया। इस दौरान कोर्ट में भारी भीड़ और गहमा गहमी का माहौल बना रहा।
हाईकोर्ट में साक्षी और अजितेश पेश हुए कोर्ट ने शादी के सर्टिफिकेट को देखा उम्र की जांच के लिए शैक्षिक प्रमाणपत्रों की भी जांच की, प्रमाण पत्रों की जांच पड़ताल के बाद कोर्ट ने शादी को वैध बताया ।प्रेमी युगल को सुरक्षा देने का आदेश दिया गया कोर्ट ने कहा साक्षी.अजितेश की अर्जी पर मुहैया सुरक्षा दें ।कोर्ट ने कहा दोनों को बालिग बताते हुए कहा पति-पत्नी की तरह रह सकते हैं । कोर्ट ने अजितेश व साक्षी की ओर से शादी को लेकर पेश किए गए अभिलेखों को सही माना उनकी शादी के फर्जी प्रमाणपत्र होने से इंकार किया सुनवाई पूरी होने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच बमरौली एयर पोर्ट साक्षी.अजितेश को भरी सुरक्षा के बीच भेजा गया जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की एकलपीठ में मामले की सुनवाई हुई ।
भाजपा विधायक राजेश मिश्रा उर्फ़ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी की याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस को साक्षी और उसके पति अजितेश की सुरक्षा का आदेश दिया। साथ ही हाईकोर्ट में साक्षी के पिता राजेश मिश्रा को भी नोटिस जारी किया और राजेश मिश्रा को अपना पक्ष रखने के लिए याचिका को लंबित रखा है हाई कोर्ट ने साक्षी और अजितेश को आदेशित किया कि वह उत्तर प्रदेश मैरिज रजिस्ट्रेशन रूल 2017 के तहत दो माह में अपनी शादी को रजिस्टर्ड करवाएं कोर्ट ने कहा यह दोनों ने अपनी शादी के लिए हर लिहाज से उपयुक्त है इन्हें दो माह में नियमानुसार अपने शादी का पंजीकरण करवा लेना चाहिए कोर्ट ने कहा कि दो माह में शादी का पंजीकरण ना होने पर कोर्ट का यह आदेश स्वयं ही निरस्त समझा जाएगा इससे पहले जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की एकल पीठ ने आदेश दिया।
साक्षी ने अपनी याचिका में विधायक पिता और भाई सहित परिवार के अन्य सदस्यों से अपनी जान को खतरा बताया था। इसके साथ ही बरेली पुलिस पर भी पिता के दबाव में काम करने का गंभीर आरोप लगाया था। साक्षी और उसके पति के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे।जिससे उन्होंने अपनी जान का खतरा खतरा बताया था। साक्षी के वकील विकास राणा ने 11 जुलाई को हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान वीडियो पेश किया था। साक्षी की ओर से दाखिल याचिका में राज्य सरकार ,एसएसपी बरेली कैंट एसवो बरेली और विधायक राजेश मिश्रा को पक्षकार बनाया गया था । हाईकोर्ट के आदेश पर भारी सुरक्षा के बीच अजितेश और साक्षी को हाईकोर्ट में पेश किया गया दोनों को मीडिया की नजरों से बचाते हुए सुबह ही पुलिस ने हाईकोर्ट के अंदर दाखिल करा दिया था।
Published on:
15 Jul 2019 05:17 pm
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