
जाकिर नाईक
इलाहाबाद. हाईकोर्ट इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मुस्लिम धर्म गुरू जाकिर नाईक के खिलाफ झांसी की मजिस्टेªट अदालत में दर्ज मुकदमे में पूर्व में लगाई गयी रोक का आदेश समाप्त कर दिया है। जाकिर के खिलाफ झांसी की अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। जिस पर 2011 में हाईकोर्ट ने रोक लगाते हुए पक्षकारों से जवाब मांगा था।
वष्हस्पतिवार को याचिका सुनवाई के लिए नामित हुई तो वादी मुकदमा वसर उल्ला खां के वकील साहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि याची की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति अमर सिंह चैहान ने पूर्व में दिया गया स्थगन आदेश समाप्त करते हुए याचिका अंतिम सुनवाई के लिए अगली तारीख 28 मार्च को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। जाकिर नाईक के खिलाफ वादी ने 2008 में झांसी की अदालत में मुकदमा दर्ज कराया था। उस पर हर मुसलमान को आतंकी होने की सलाह देने और ओसामा बिन लादेन की तारीफ करने का आरोप है। उसके खिलाफ देशद्रोह और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। जिस पर कोर्ट ने 2011 में उसके समाज और गैर जमानती वारंट जारी किया गया।
by Court Correspondence
Published on:
22 Mar 2018 10:32 pm
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