
अतीक अहमद वसूली, जमीन पर अवैध कब्जा, हत्या, लूट और किडनैप जैसे तमाम अपराधों में शामिल रहा। अतीक के भाई और बेटों का पूरा गैंग था। इनके अलावा बाहर के भी कई लोग शामिल थे। कई शूटर दूसरे शहरों में काम करता थे।
अतीक जेल से फोन करके पांच करोड़ की रंगदारी मांगी थी
सूत्रों के मुताबिक उमेश पाल की हत्या से पहले अतीक अहमद ने साबरमती जेल से एक बिल्डर को फोन किया। बिल्डर का नाम मोहम्मद मुस्लिम है। फोन पर धमकी देते हुए 5 करोड़ मांगे थे। इसके बाद असद बिल्डर के लखनऊ वाले घर पर पहुंच गया।
बिल्डर ने दरवाजा ही नहीं खोला, तो असद ने फोन पर धमकी दी। कहा, “आपके घर आया हूं, दरवाजा नहीं खोलोगे, यहीं चौथे फ्लोर पर रहते हो न, गेट ना खोलकर अच्छा नहीं किया।” इससे बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम बहुत डर गया।
अतीक ने भेजा था मैसेज भरा धमकी
आजतक की खबर के अनुसार मोहम्मद मुस्लिम ने अतीक के बेटे असद को उस दिन 80 लाख रुपये दिये थे। इन पैसों का इस्तेमाल उमेश पाल हत्याकांड में किया गया था। अतीक ने मोहम्मद मुस्लिम को धमकी भरा मैसेज में लिखा था, “मेरे कोई लड़के ना डॉक्टर बनेगा और ना वकील बनेगा और सिर्फ हिसाब होना है और इंसाहल्लाह बहुत जल्द हिसाब शुरू कर दूंगा।”
अतीक ने दो तरह की पर्ची बनवाई थी
अतीक अहमद बड़े कारोबारियों से वसूली के लिए दो तरह की पर्ची बनवाई थी। एक पर्ची गुलाबी रंग और दूसरी सफेद रंग की होती थी। जिन कारोबारियों से 3 से 5 लाख रुपये तक की वसूली होती थी उनको गुलाबी पर्ची दी जाती थी ।
पांच लाख वसूली के लिए सफेद रंग की पर्ची देता था
जिन व्यापारियों से 5 लाख रुपये से ऊपर की वसूली होती थी, उन्हें सफेद पर्ची दी जाती थी। इन वसूली को चुनाव टैक्स के नाम से बताया जाता था। पैसे या तो कैश लिये जाते या फिर बकायदा बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एकाउंट में जमा कराया जाता था। यह एकाउंट अतीक अहमद के नाम से था।
हमें पैसे की जरूरत है
बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम को अतीक ने अंतिम बार चेतावनी देते हुए व्हाट्सअप चैट में लिखा था, “मैं आपको आखिरी बार कह रहा हूं, आप मेरे बेटे से ईडी-ईडी कर रहे, ईडी ने अभी आपका पैसा सीज तो नहीं किया, बेहतर ये है कि हमारे बेटे उमर का जो हिसाब है और असद ने जो पैसा दिया है, वो हमें इलेक्शन में जरूरत है तो हमारी आपसे कोई दुश्मनी तो नहीं…”
व्हाट्सअप चैट में अतीक ने यह भी लिखा, “आपके घर ने अपनी किस्मत और अक्ल से कमाया लेकिन हमारे जो पैसे है उसको तुरंत दे दो…. इस वक्त हमारे बहुत काम आएगा… कम लफ्जों में ज्यादा समझ लो… मैं अभी मरने वाला नहीं हूं, इंसाअल्लाह एक्सरसाइज करता हूं, दौड़ता हूं, बेहतर है हमसे आके मिल लो…अतीक अहमद… साबरमती जेल।”
Published on:
18 Apr 2023 06:41 pm
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