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आजम खान को अगर इस केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिलेगी बेल तो सीतापुर जेल से हो जाएंगे रिहा, जानें

Azam Khan Bail समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान सिर्फ एक केस की वजह से सीतापुर जेल में बंद हैं। 86 केस में आजम खान को जमानत मिल चुकी है। अब सिर्फ शत्रु संपत्ति मामले में अगर इलाहाबाद हाईकोर्ट बेल दे देती है। तो आजम खान की रिहाई संभव हो पाएगी। जानेंं क्या है यह केस

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आजम खान को अगर इस केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिलेगी बेल तो सीतापुर जेल से हो जाएंगे रिहा, जानें

आजम खान को अगर इस केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिलेगी बेल तो सीतापुर जेल से हो जाएंगे रिहा, जानें

समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान सिर्फ एक केस की वजह से सीतापुर जेल में बंद हैं। 86 केस में आजम खान को जमानत मिल चुकी है। अब सिर्फ शत्रु संपत्ति मामले में अगर इलाहाबाद हाईकोर्ट बेल दे देती है। तो आजम खान की रिहाई संभव हो पाएगी। गुरुवार को इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी कर ली है। दस दिनों में हाईकोर्ट अपना फैसला सुन देगा। फैसला अगर आजम खान के हक में आया तो वह करीब सवा दो साल के बाद खुला आसमान देख सकेंगे। इस मामले में हाईकोर्ट 4 दिसंबर 2021 में सुनावाई कर अपना जजमेंट रिजर्व कर लिया था।

शत्रु संपत्ति और वक़्फ़ बोर्ड विवाद में आजम खान पर केस चल रहा है। आजम खान पर आरोप है कि, उन्होंने शिया वक्फ बोर्ड की एक जमीन को अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए गलत तरीके से अपनी यूनिवर्सिटी के नाम करा ली थी। अगस्त 2019 में लखनऊ के एक पत्रकार अल्लामा ज़मीर नकवी ने आजम खान के खिलाफ आईपीसी की गंभीर धाराओं के साथ ही डिस्ट्रक्शन ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट की धारा में एफआईआर दर्ज कराई थी।

अंतरिम बेल पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी

मामला बाद में रामपुर ट्रांसफर हो गया था। आजम खान ने जमानत के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। आजम खान की अर्जी पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 4 दिसंबर 2021 को सुनवाई पूरी कर जजमेंट रिजर्व कर लिया था। पर जब कोई फैसला नहीं आया तो आजम खान ने अंतरिम बेल पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी।

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यूपी सरकार ने दोहराई पुरानी बातें

सुनवाई से पूर्व यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में कुछ नए तथ्य पेश करने को लेकर एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया। यूपी सरकार की एप्लीकेशन को हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया और दोबारा सुनवाई के लिए 4 मई की तारीख तय की। जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की बेंच में दूसरे दिन गुरुवार को भी यूपी सरकार ने अपना पक्ष रखा।

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आजम खान ने रखा अपना पक्ष

आजम खान की तरफ से बचाव में कहा गया कि जिस आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है उसमें सिर्फ कुछ महीनों की ही सजा होती है और आजम खान सवा 2 साल से जेल में बंद हैं, ऐसे में उन्हें जमानत दे दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने कहाकि, मई के दूसरे हफ्ते में फैसला सुनाया जा सकता है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि, आजम को जमानत मिल जाएगी।