इलाहाबाद. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) में ऐसे अभ्यर्थियों को भी आवेदन करने की छूट दे दी है जिनका इंटरमीडिएट में संस्कृत विषय नहीं था। कोर्ट ने कहा है कि चूंकि इस मामले में आवेदन की अंतिम तिथि 16 अप्रैल है इसलिए याचीगण एवं अन्य अभ्यर्थी अपना आवेदन व बैंक ड्राफ्ट लोक सेवा आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से जमा कर सकते हैं।
बाल कृष्ण और 94 अन्य की याचिका पर यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति डी.बी.भोसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खण्डपीठ ने अधिवक्ता सत्यवीर को सुनकर दिया है। उल्लेखनीय है कि टीजीटी परीक्षा में सरकार ने सेवा नियमावली में संशोधन करके इंटरमीडिएट में संस्कृत विषय से होना अनिवार्य कर दिया है। संशोधन अधिनियम की धारा 8 (बी.) को याचिका में चुनौती दी गयी है।
अधिवक्ता का कहना था कि आवेदन की अंतिम तिथि 16 अप्रैल है। ऐसे में याचीगण आवेदन करने से वंचित हो जायेंगे। इस पर कोर्ट ने याचीगण व अन्य अभ्यर्थियों को आवेदन की छूट देते हुए कहा है कि उनका चयन याचिका के निर्णय पर निर्भर करेगा। कोर्ट ने इस मामले में प्रदेश सरकार और आयोग से जवाब भी मांगा है।