
62 वर्षीय व्यक्ति ने तीन साल की मासूम से किया हैवानियत, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इन्कार
प्रयागराज: मासूम बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले व्यक्ति को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को समाज के साथ रहने का कोई हक नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के आरोपित 62 वर्षीय व्यक्ति को जमानत देने से इन्कार करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस शख्स पर 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म जैसा अमानवीय कृत्य करने का आरोप है। ऐसे अपराध करने वाले व्यक्तियों को जेल से कतई रिहा नहीं किया जा सकता है। यह समाज के लिए धब्बा है।
ऐसे आरोपी नहीं है जमानत के हकदार
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने यह आदेश आरोपी सुनील की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए दिया है। तीन वर्षीय पीड़ित बच्ची ने शब्दों और संकेतों में आपबीती सुनाई और दरिंदगी की पूरी घटना को बयां किया है। मेडिकल रिपोर्ट से भी दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। जिसने मासूम के साथ ऐसा जघन्य अपराध किया है, वह जमानत पाने का हकदार नहीं है। इससे पहले विशेष न्यायाधीश पॉक्सो,अपर सत्र न्यायाधीश कन्नौज द्वारा जून 2021 में आरोपित शख्स की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी।
आरोपी पक्ष ने कहा झूठा केस में फसाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट में आरोपित शख्स का कहना था कि उसे झूठा फंसाया गया है, क्योंकि वह पीड़िता के पिता के घर में बढ़ईगीरी का काम करता था और वेतन के भुगतान पर विवाद हुआ था। जिसको लेकर उसने जबरन केस में फसाया है। लेकिन मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने उसे जमानत देना उचित नहीं समझा है।
Published on:
05 May 2022 12:33 pm
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