
हरिद्वार कुंभ मेले में पहली बार इन अखाड़ों के अतिरिक्त किन्नर अखाड़ा और दंडी स्वामी भी जूना अखाड़े के साथ शाही स्नान करेंगे।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. Haridwar Kumbh Mela 2021. मकर संक्रांति से शुरू हो रहे हरिद्वार कुंभ मेले के लिए नगर प्रवेश भूमि पूजन, धर्म ध्वजा और पेशवाई की तिथियां घोषित कर दी गई हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री व जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक महंत हरिगिरि महाराज ने जूना अखाड़ा, आव्हान अखाड़ा और अग्नि अखाड़ा के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ मंथन के बाद तारीखों को एलान किया। महंत हरिगिरि ने बताया कि जूना अखाड़ा, आह्वान अखाड़ा और अग्नि अखाड़ा तीनों एक साथ शाही स्नान करते हैं। तीनों की धर्मध्वजा और छावनी जूना अखाड़े के परिसर में ही स्थापित होती हैं। परम्परा के अनुसार जूना अखाड़ा सबसे आगे रहता है, उसके पीछे आह्वान अखाड़ा और उसके पीछे अग्नि अखाड़ा स्नान करता है। इस बार पहली बार इन अखाड़ों के अतिरिक्त किन्नर अखाड़ा और दंडी स्वामी भी जूना अखाड़े के साथ शाही स्नान करेंगे।
महंत हरिगिरि ने बताया कि 25 जनवरी को जूना अखाड़े की अगुवाई में आह्वान अखाड़ा और अग्नि अखाड़ा कांगड़ी स्थित प्रेमगिरी आश्रम से धर्मध्वजा लेकर नगर में प्रवेश करेंगे। रमता पंच जुलूस के आगे-आगे चलेंगे। 16 फरवरी की सुबह करीब साढ़े 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक भूमि पूजन किया जायेगा। फिर तीनों अखाड़े अपनी-अपनी धर्म ध्वजा स्थापित करेंगे। 27 फरवरी की दोपहर पांडेवाला ज्वालापुर से जूना अखाड़े तक अग्नि अखाड़े की पेशवाई निकलेगी जो नगर से होते हुए जूना अखाड़े पहुंचकर अपनी-अपनी छावनियों में प्रवेश करेगी। 01 मार्च को दोपहर 02 बजे आह्वान अखाड़ा पांडेवाला से अपनी पेशवाई निकालेगा। जूना अखाड़ा में पहुंचने के बाद संत अपनी छावनियों में प्रवेश करेंगे।
Updated on:
10 Jan 2021 03:50 pm
Published on:
10 Jan 2021 03:45 pm
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