23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मथुरा में मांस बिक्री पर रोक केस, हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब

Meat Banned in Mathura उत्तर प्रदेश के मथुरा में सेलेक्टेड क्षेत्रों में मांस की खरीद और बिक्री को प्रतिबंधित करने पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई की। इस दौरान हाईकोर्ट ने सरकार से इस पर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं ने मांस और अन्य मांसाहारी वस्तुओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के आदेशों को चुनौती दी है।

2 min read
Google source verification
File Photo of Shri Krishna Janmbhumi in Mathura

File Photo of Shri Krishna Janmbhumi in Mathura

Yogi Adityanath Banned Meat in Mathura उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मथुरा के 22 नगर पालिका क्षेत्रों में मांस और अन्य मांसाहारी वस्तुओं की बिक्री पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली एक याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य के वकील को जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर सूचना देने में विफल रहने पर अंतरिम राहत के अनुरोध पर सुनवाई की अगली तिथि 9 मार्च को विचार किया जाएगा। पिछले साल 10 सितंबर को अतिरिक्त मुख्य सचिव (धार्मिक बंदोबस्ती) ने 22 नगरपालिका वाडरें को नामित करने का आदेश पारित किया था।

अगले दिन, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी (डीएफएसओ), मथुरा ने उक्त क्षेत्रों में मांस की दुकानों और रेस्तरां के पंजीकरण लाइसेंस को निलंबित करने का आदेश पारित किया।

मुजाहिद और आठ अन्य द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और शेखर कुमार यादव की खंडपीठ ने इस मामले को अगली सुनवाई के लिए 9 मार्च का समय दिया था।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत से राज्य सरकार के अधिकारियों को 10 सितंबर, 2021 की अधिसूचना के अनुसरण में मटन/चिकन और अन्य वस्तुओं की बिक्री में उनकी मांसाहारी दुकानों से उनके व्यवसाय में हस्तक्षेप नहीं करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

याचिकाकर्ताओं ने आगे अदालत से डीफएसओ, मथुरा द्वारा पारित 11 सितंबर, के आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया है। उन्होंने अदालत से राज्य सरकार के अधिकारियों को याचिकाकर्ताओं को मांसाहारी खाद्य पदार्थों और मांस उत्पादों की बिक्री के लिए अपने संबंधित रेस्तरां / होटल चलाने की अनुमति देने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया।

अंतरिम राहत के रूप में याचिकाकर्ता ने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, मथुरा द्वारा जारी अधिसूचना के संचालन पर रोक लगाने का अनुरोध किया है, अन्यथा याचिकाकर्ताओं को अपूरणीय क्षति होगी।

रिट याचिका में याचिकाकर्ताओं ने अपने मांसाहारी होटलों को बंद करने के लिए मजबूर करने वाले उक्त आदेशों को इस आधार पर चुनौती दी है कि इससे याचिकाकर्ता आजीविका के अधिकार से वंचित हो गए हैं और इसलिए यह अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (जी) (व्यापार और पेशे को चलाने का अधिकार) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन है।

बड़ी खबरें

View All

प्रयागराज

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग