शंकराचार्य ने कहा कि मुसलमान पुरुष क्यों नहीं पहनते बुर्का

बोले, अमेरिका में जा रहा भारत के इस्कॉन मंदिरों का पैसा

इलाहाबाद. अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में रहने वाले शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने एक बार फिर विवादास्पद बयान दिया है। कहा कि इस्कॉन मंदिर का पैसा अमेरिका में जाता है। इसलिए भारत के बड़े शहरों में इस्कॉन मंदिर खोले गए हैं। मनकामेश्वर मंदिर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने हिन्दू से ज्यादा मुस्लिम समाज की महिलाओं की समानता पर सवाल खड़ा कर दिया। कहा कि भारत में इस्कॉन मंदिर का अमेरिका में पंजीयन है। इन मन्दिर में चढ़ावे के रूप में आया पैसा भेजा अमेरिका मे भेजा जाता है। अमेरिका ने इस मंदिर की स्थापना पैसे के लिए किया है। यही कारण है कि इन मंदिरों को मुम्बई जैसे शहरों में बनाया गया है। छत्तीसगढ़, असम व पिछडे राज्यों में इसे नहीं बनाया गया है। सरकर को इस पर संज्ञान लेने की जरूरत है। हालांकि उन्होंने कहा कि साईं मंदिर से ज्यादा हिन्दू मंदिरों में चढ़ावा चढ़ता है।

संसद में बैठे हैं करोड़पति
स्वरूपानन्द ने कहा कि वर्तमान में सरपंच के चुनाव में भी लाखों रुपये खर्च किये ज रहें हैं। पैसे वाले ही संसद, मंत्री, अधिकारी बन रहे हैं। संसद मे जो बैठे हैं वह करोड़पति हैं। इनसे गरीबों के लिए आशा करना बेकार है।

रामराज में कुत्ते को भी मिला न्याय
उन्होंने आज़म खान हमला बोलते हुए कहा कि आजम ने कहा था यहां मांस बंद कराकर भारत को हिन्दू देश बनाना चाहते हैं। हमारा कहना है कि हम राम राज चाहते हैं। राम राज में कुत्ते को भी न्याय मिला था। तो गाय को भी न्याय मिलना चाहिए। गाय मुसलमानों की भी मां हैं। क्योंकि वो भी इसका दूध पीते हैं।

मुस्लिम समाज में महिलाओं का अपमान
महिलाओं की समानता के अधिकार के संबंध में शंकराचार्य ने कहा कि हमें नारियों का सम्मान करना चाहिए। जहां धर्म की बात है वहां नारियों का धर्म अलग है। उन्होंने कहा कि बराबरी की बात करना हो तो मुसलमानों के यहां चले जाइए। वहां पुरूष बुर्का नहीं पहनते, चार-चार शादियां करते हैं और 3 बार तलाक कहने से तलाक हो जाता है।
Abhishek Srivastava
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