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जिसे माना भाई, उसी ने सिर और पीठ में दागी गोली! गोल्ड मेडलिस्ट पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या की गुत्थी सुलझी

Chirag Tyagi Para Athlete Murder Case: यह मामला केवल एक हत्या नहीं, बल्कि दोस्ती, भरोसे और विश्वासघात की ऐसी कहानी बनकर सामने आया है जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया है। जिस खिलाड़ी ने अपने दोस्त को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव मदद की, उसी दोस्त ने शक और जलन में उसकी जिंदगी छीन ली।

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Chirag Tyagi Para Athlete Murder case

पैरा एथलीट चिराग त्यागी, यश खटीक और गगन त्यागी (Photo: X/ANI)

Para Athlete Chirag Tyagi Murder Case: गोल्ड मेडलिस्ट 24 वर्षीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने महज कुछ दिनों में सुलझा ली है। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने खेल जगत को झकझोर कर रख दिया है, क्योंकि चिराग का हत्यारा कोई बाहर का व्यक्ति नहीं, बल्कि उनका करीबी दोस्त और साथी खिलाड़ी ही निकला। पुलिस ने इस मामले में 22 वर्षीय यश खटीक और 23 वर्षीय गगन त्यागी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। वहीं हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल मुहैया कराने वाला तीसरा आरोपी अभिनव उर्फ अभय अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

चिराग ने ही बनाया था यश का करियर

पुलिस जांच के अनुसार चिराग त्यागी और यश खटीक की दोस्ती करीब सात साल पुरानी थी। दोनों की मुलाकात मुरादनगर के एक स्थानीय मैदान में हुई थी। चिराग ने ही यश को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कोच गजेंद्र सिंह के पास प्रशिक्षण दिलवाया था। दोनों एक ही हॉस्टल के कमरे में रहते थे और चिराग हर कदम पर यश की मदद करता था। सिंह ने कहा कि चिराग ने यश को आगे बढ़ने में हरसंभव मदद की, वह दोनों भाइयों की तरह रहते थे।

चिराग राष्ट्रीय स्तर के पैरा एथलीट थे और हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटरनेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीत चुके थे। उन्होंने जापान में होने वाले आगामी एशियन गेम्स के लिए भी क्वालिफाई कर लिया था।

करियर बर्बाद होने का शक बना हत्या की वजह

दोनों खिलाड़ी दृष्टिबाधित खिलाड़ियों की टी-12 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करते थे। पुलिस के मुताबिक, यश का चयन दिसंबर 2025 में होने वाले यूथ एशियन गेम्स के लिए नहीं हो पाया था। वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स (WPA) ने उसकी दिव्यांगता से जुड़े दस्तावेजों को अपर्याप्त बताते हुए आवेदन खारिज कर दिया था।

इन दस्तावेजों को तैयार करने में चिराग ने ही मदद की थी। यश को शक था कि चिराग ने जानबूझकर गलत जानकारी भरकर उसका करियर बर्बाद कर दिया। इसी गलतफहमी ने उसके मन में बदले की भावना पैदा कर दी।

बहाने से बुलाया, फिर मार दी गोली

पुलिस के अनुसार 30 मई को यश ने चिराग को फोन कर बताया कि गांव में उनके एशियन गेम्स चयन के सम्मान में स्वागत समारोह आयोजित किया जा रहा है। उसने खुद के दिल्ली में होने का दावा किया और दोनों एक ही कैब से घर जाने के लिए तैयार हो गए।

रास्ते में यश ने कैब को हिंडन क्षेत्र स्थित महामाया स्टेडियम के पास साई उपवन की ओर मोड़ दिया। दोनों कुछ दूर पैदल चले। इसी दौरान यश ने कथित तौर पर चिराग से कहा, चिराग, इसी ट्रैक पर तुमने और मैंने अपने करियर की शुरुआत की थी, यहीं तुम्हारी जिंदगी और मेरे करियर का अंत होगा। इसके बाद उसने पीछे से चिराग पर दो गोलियां दाग दीं और फरार हो गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये खुलासा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार पहली गोली चिराग के सिर के पीछे लगी और माथे में जाकर फंस गई। दूसरी गोली पीठ में घुसी और दिल के नीचे से बाहर निकल गई। मौके पर ही चिराग की मौत हो गई।

हत्या के बाद यश उसी कैब से अपने गांव बसंतपुर सेंटली लौट गया। अगले दिन 31 मई को साई उपवन क्षेत्र से चिराग का शव बरामद हुआ।

हत्या के लिए खरीदी पिस्तौल, चिराग के थे पैसे

जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल खरीदने के लिए पैसे भी चिराग के खाते से दिए गए थे। पुलिस ने चिराग के खाते से हुए लेनदेन का पता लगाया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चिराग को इस खरीदारी की जानकारी थी या वह केवल दोस्त की मदद कर रहा था।

इतना ही नहीं, हत्या के बाद यश ने चिराग से पहले हासिल किए गए एक ब्लैंक चेक का इस्तेमाल कर उनके बैंक खाते से 3.25 लाख रुपये भी निकाल लिए। उस खाते में चिराग की प्रतियोगिताओं में जीती गई करीब 4.25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि जमा थी।

तीसरे आरोपी की तलाश जारी

पुलिस ने गगन त्यागी को पिस्तौल की व्यवस्था कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है। हथियार उपलब्ध कराने वाला अभिनव उर्फ अभय अभी भी फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं।