
प्रयागराज. President Ramnath Kovind in Prayagraj- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को संगम नगरी को 640 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात दी। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता चेंबर की बिल्डिंग और मल्टी लेवल पार्किंग की आधारशिला भी रखी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायपालिका में महिलाओं की संख्या बढ़ाने का आह्वान करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं में न्याय की प्रवृत्ति अधिक होती है। सुप्रीम कोर्ट में तीन महिला जजों की नियुक्ति का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि न्यायपूर्ण समाज की स्थापना महिलाओं की भागीदारी से ही सुनिश्चित होगी। अभी न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी 12 फीसद ही है। मुझे आशा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में महिलाओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी।
राष्ट्रपति ने कहा कि नारी सशक्तीकरण की दिशा में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मिसाल कायम की है। यहीं से देश को पहली महिला अधिवक्ता करनिलिया सोरोबजी मिलने का गौरव भी प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि कामकाजी महिलाएं परिवार के साथ संतुलन बनाते हुए अपने कार्य को पूरा करती हैं। महिलाओं की भूमिका बढ़ाने के लिए सभी को आगे आना होगा। राष्ट्रपति ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्याय की परंपरा से वषों से लोग जुड़े हैं। महामना मदन मोहन मालवीय, तेज बहादुर सप्रू, पुरषोत्तम दास टंडन और कैलाश नाथ काटजू जैसी महान विभूतियां न्याय के क्षेत्र में अपनी सेवा दे चुके हैं। सबको न्याय मिले अब इसके लिए काम करना होगा। आम लोगों में न्यायपालिका के प्रति विश्वास जगाना होगा। ये चुनौती है। उन्होंने कहा कि जजों की संख्या बढ़ाकर और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने से ही न्याय प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
राष्ट्रपति का उद्घोष रोड पर बैठकर सुने प्रयागवासी
जिला प्रशासन की तरफ से पूरे कार्यक्रम को शहर के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए जगह-जगह मोबाइल वैन पर एलसीडी लगाई गई थी। महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुनने आये लोगों ने सड़क पर ही बैठकर राष्ट्रपति का भाषणा सुना। मोबाइल वैन से इलाहाबाद हाईकोर्ट का कार्यक्रम सीधा प्रसारण किया गया।
आमजन को सरलता से न्याय दिलाना प्राथमिकता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का डिजिटल युग है। आमजन को सरलता से न्याय दिलाने के लिए तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। डिजिटल माध्यम से सुनवाई के लिए 70 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहाकि प्रयागराज का हाईकोर्ट एशिया का सबसे बड़ा न्यायालय है। यहां 24 करोड़ जनता न्याय के लिए आती है। पार्किंग की दिक्कतों को देखते हुए हाईकोर्ट में 04 हजार वाहनों को पार्क करने के लिए पार्किंग बन रही है। इसके अलावा 6 हजार अधिवक्ताओं के लिए चैंबर बनाए जा रहे हैं।
Published on:
11 Sept 2021 05:07 pm
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