
Smog alert : स्मॉग इसलिए बन रहा जानलेवा ,जानकारों ने दी चेतावनी
प्रयागराज। देश के अलग.अलग हिस्सों की तरह संगम नगरी भी भीषण स्मॉग की चपेट में है। यहां की हवाओं में घुटन महसूस हो रही है। जो हर पल लोगों को परेशान कर रहा है। आलम यह है की बीते दो दिनों से स्मॉग के चलते सूरज सही तरीके से नहीं नजर आया हैं। दिवाली के बाद से पर्यावरण में छाई धुंध पहले तो दिवाली के पटाखों का असर बताई गई लेकिन लगातार धुंध का असर खत्म न होने पर पर्यावरणविद से लेकर आम आदमी तक परेशान होने लगा है।
मुसीबत बना स्मॉग
आसमान में धुंध की तरह दिखने वाला यह स्मॉग बेहद खतरनाक बताया जा रहा है। इससे लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह -शाम पार्कों में जाने वाले लोग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। चिकित्सक लोगों को घूमने और टहलने से मना कर रहे हैं। वहीं नवजात बच्चों को भी सांस लेने में दिक्कतें हो रही हैं। बिना मास्क लगाए सड़कों पर कुछ दूर ट्रैवल करने के बाद आंखों में जलन और सांस लेने में समस्या आम लोगों को हो रही है।
हर दिन निकल रहा जहरीला धुँआ
पत्रिका ने आज स्मॉग की समस्या को लेकर पर्यावरण पर काम करने वाले लोगों से बात की जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। डॉ मोहम्मद आरिफ जो रिटायर्ड रक्षा वैज्ञानिक है। लेकिन पर्यावरण पर लंबे समय से काम करने का बड़ा अनुभव है। डॉक्टर आरिफ ने बताया कि ये स्मॉग पटाखों से निकलने वाले सल्फर सहित हर दिन डीजल वाहनों से निकलने वाले धुंए, खेती के लिए काम किए जाने वाले डीजल से संचालित होने वाले संयंत्र उद्योगो से निकलने वाला जहरिला वेस्टेज। हर दिन ईट भट्ठे से निकलने वाला धुंआ । उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 15,000 से ज्यादा ईट भट्टे हर दिन चलते हैं। इन सबके चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
प्रदूषण के चलते निचली सतह पर रुका कोहरा
डॉ मोहम्मद आरिफ ने बताया कि हर दिन लाखों लीटर डीजल फ्यूल हम इस्तेमाल कर रहे हैं । उन्होंने कहा इस इस मौसम में वातावरण ठंडा हो जाता है लेकिन धरती की गर्मी बनी रहती है और धरती पर एकत्रित जलवाष्प की तरह ऊपर जाता है। जो कोहरे के स्वरूप में होता है। लेकिन प्रदूषण की मात्रा अधिक होने कर चलते प्रदूषण उसी कोहरे के साथ मिलकर कोहरे को भारी बना देता है। जिसके चलते वह एक सीमा से ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। कोहरा लगातार निचली सतह पर ही बना हुआ है । जो खतरनाक स्मॉग का रूप ले लिए हैं। जो बेहद हानिकारक है। उन्होंने बताया कि बच्चों को स्कूल भेजने से बचना चाहिए।अगर वह स्कूल जा रहे हैं तो उन्हें मास्क लगाकर ही भेजे। बुजुर्गों को इस मौसम में सांस लेने में खांसी दिक्कत हो रही है। यह स्मॉग अस्थमा के मरीजों के लिए जानलेवा हो सकता है।
आने वाले समय की स्थित और होगी भयावह
उन्होंने बताया कि हर दिन होने वाले प्रदूषण को हम देख नहीं पाते लेकिन इस मौसम में कोहरे के चलते प्रदूषण और कोहरे का एक हो जाना स्मॉग का स्वरूप ले लिया है।जो हमें महसूस हो रहा है उन्होंने कहा कि छोटे शहरों में जहां पराली और इंडस्ट्री कंस्ट्रक्शन का असर नहीं है। वहां भी प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि स्मॉग असर देखने को मिल रहा है। उन्होंने साफ किया कि यह स्मॉग स्थानीय प्रदूषण के चलते है। कहीं से आने की वजह से वातावरण में कोई असर नहीं है।उन्होंने साफ किया की अगर हमने पर्यावरण को बचाने के लिए कोशिशे इमानदारी से तेज़ नही की तो आने वाले समय में और खतरनाक स्थित होगी ।
Published on:
06 Nov 2019 01:59 pm
बड़ी खबरें
View Allप्रयागराज
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
