
थार से प्रयागराज में पहुंचे मंकी मैन, PC- X
प्रयागराज : माघ मेले में आज मकर संक्रांति के पावन स्नान पर्व पर संगम तट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालु 'जय गंगा मैया' के उद्घोष के साथ संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार, दोपहर 4 बजे तक 91 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं, जबकि आज कुल करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान है।
संगम क्षेत्र में भीड़ इतनी अधिक है कि कई स्थानों पर पैर रखने की भी जगह नहीं बची। स्नान के बाद श्रद्धालु लेटे हनुमान जी के दर्शन कर रहे हैं। भारी भीड़ को देखते हुए अक्षयवट के दर्शन अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं, वहीं सुरक्षा कारणों से नावों का संचालन भी रोक दिया गया है।
मकर संक्रांति पर जूना अखाड़े के नागा संन्यासी हर-हर महादेव का उद्घोष करते हुए घाटों पर पहुंचे। तलवार, त्रिशूल और डमरू लहराते हुए नागा संन्यासियों ने संगम में डुबकी लगाई, जिससे संगम तट पर अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
मेले के दौरान भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प की भी घटना सामने आई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एएसपी संजय कुमार से धक्का-मुक्की की और एक युवक के साथ मारपीट की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मेले में दो युवक THAR कार से बंदर के गेटअप में पहुंचे, जिन्होंने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कार की छत पर बैठकर वे बंदरों जैसा व्यवहार करते दिखे और नमकीन खाते नजर आए। इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए लोग फोटो और वीडियो बनाते रहे।
बाढ़ के दौरान गंगा की पूजा कर चर्चा में आए दरोगा चंद्रदीप निषाद ने पत्नी का हाथ पकड़कर संगम में स्नान किया। वहीं मौनी महाराज ने करीब 1.5 किलोमीटर लेटते हुए संगम तक पहुंचकर स्नान किया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
माघ मेले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यूपी एटीएस समेत करीब 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं। पूरे मेला क्षेत्र में AI तकनीक, CCTV कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
प्रशासन के अनुसार, इस बार माघ मेले में करीब 9 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। 800 हेक्टेयर में फैले मेला क्षेत्र को 7 सेक्टरों में बांटा गया है, जबकि करीब 8 किलोमीटर लंबे अस्थायी घाट बनाए गए हैं।
मकर संक्रांति के अवसर पर अयोध्या, काशी और मथुरा में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां भक्तों ने पवित्र नदियों में स्नान कर पूजा-अर्चना की।
Updated on:
15 Jan 2026, 6:39 PM IST
Published on:
15 Jan 2026, 6:39 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.