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दुखद है इन दोनों महिला सपा विधायकों की राजनीति का सफर, जाने कैसे पति की मौत के बाद संभाली विरासत, शादी के महज नौ दिन बाद मिट गया था सिंदूर

2022 यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सरकार बन गई है। समाजवादी पार्टी दूसरे नंबर पर विपक्षी पार्टी फिर से बन गई है। लेकिन अगर हम चुनावी नतीजों की इस बार बहुत घुमाव हुए हैं। कई नए चेहरों ने मैदान में विजयी हुए। कुछ का राजनीतिक करियर दांव पर भी लगा था। लेकिन प्रयागराज से प्रतापुर और कौशाम्बी से चायल सीट पर सपा ने महिला नेताओं पर भरोसा जताया और भारी बहुमत विजयी मिली। आइये जानते हैं दोनों की राजनीति से जुड़े दिलचस्प कहानी...

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दुखद है इन दोनों महिला सपा विधायकों की राजनीति का सफर, जाने कैसे पति की मौत के बाद संभाली विरासत, शादी के महज नौ दिन बाद मिट गया था सिंदूर

दुखद है इन दोनों महिला सपा विधायकों की राजनीति का सफर, जाने कैसे पति की मौत के बाद संभाली विरासत, शादी के महज नौ दिन बाद मिट गया था सिंदूर

प्रयागराज: राजनीति में अगर सच्चे मन से जनता की सेवा में जुट जाएं तो जनता आसमान में बैठा देती है। अगर जनता दुःखी हो गई तो जमीन में भी गिरा देती है। ऐसी ही समाजवादी पार्टी की दो महिला विधायकों की कहानी है। प्रयागराज प्रतापुर सीट पर सपा से विधानसभा चुनाव जीती विजमा यादव और कौशाम्बी चायल विधानसभा सीट पर सपा से विजयी हुईं पूजा पाल की कहानी एक दूसरे मिलती जुलती है। दोनों महिला नेताओं ने अपने पति की राजनीतिक रंजिश की वजह से हत्या होने के बाद सियासी दुनिया में कदम रखा है। जब इस मैदान में कदम रखा तो जनता के ने प्यार असमान में उठा दिया। सहानभूति ऐसी मिली की राजनीति में सुर्खियों में बन गईं। आइये जानते हैं दोनों की राजनीति से जुड़े दिलचस्प कहानी...

2022 यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सरकार बन गई है। समाजवादी पार्टी दूसरे नंबर पर विपक्षी पार्टी फिर से बन गई है। लेकिन अगर हम चुनावी नतीजों की इस बार बहुत घुमाव हुए हैं। कई नए चेहरों ने मैदान में विजयी हुए। कुछ का राजनीतिक करियर दांव पर भी लगा था। लेकिन प्रयागराज से प्रतापुर और कौशाम्बी से चायल सीट पर सपा ने महिला नेताओं पर भरोसा जताया और भारी बहुमत विजयी मिली। हम बात कर रहे हैं पूजा पाल और विजमा यादव की। इनके जीवन में कुछ ऐसी दुखद और राजनीतिक समानताएं हैं जिनके बारे में यहां बात की जा रही है।

राजनीति दुश्मनी में पति का हुआ कत्ल, फिर कूद गईं सियासी मैदान में

समाजवादी पार्टी की इन दोनों महिला विधायकों की दुःख की कहानी एक जैसे है। दोनों के पति की हत्या राजनीति दुश्मनी में हुआ। इसके बाद फिर दोनों महिलाओं ने हिम्मत न हरी और राजनीति की दुनिया मे कदम रख दिया। विजमा यादव के पति जवाहर पंडित की अगस्त 1996 में शहर के सिविल लाइंस में काफी हाउस के पास दिनदहाड़े और सरेराह वैन पर गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में करवरिया बंधुओं को आऱोपित किया गया जिन्हें अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है और वे बरसों से जेल में हैं। प्रयागराज नैनी सेंट्रल जेल में तीनों भाई एक साथ सजा काट रहे हैं।

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इस तरह बदल गई किस्मत

जब विजमा यादव के पति जवाहर पंडित की हत्या हुई तो उसके बाद प्रयागराज की धरती पर मुलायम सिंह यादव पहुंचे और विजमा यादव को सियासी मैदान में उतारा और आशीर्वाद दिया। इसके बाद विजमा यादव ने सियासी पारी की शुरुआत की और भारी मतों से विजयी प्राप्त किया।

शादी के महज नौ दिन बाद हो गई थी पूजा पाल विधवा

धूमनगंज के उमरपुर नीवां में रहने वाली पूजा पाल के पति राजू पाल का बसपा के टिकट पर शहर पश्चिमी से विधायक चुने गए और महज कुछ दिनों बाद राजू पाल की हत्या हो गई। शादी के नौ दिन बाद पूजा पाल विधवा हो गई। गोलियों के बौछार में राजू पाल के साथ तीन लोगों की जान गई थी। इस केस में बाहुबली अतीक अहम और मोहम्मद अशरफ जेल में बंद है। केस में 17 साल बीत जाने के बाद भी अब तक न्याय नहीं मिला है। राजू पाल की हत्या के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने पूजा पाल को राजनीति के मैदान में उतारा। पूजा पाल दो बार शहर पश्चिमी से बसपा के टिकट पर जीतीं लेकिन 2017 में उन्हें भाजपा की लहर के आगे हार का सामना करना पड़ा।

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2017 मिली थी दोनों को हार, अबकी बार मिली जीत

प्रयागराज की राजनीति में दोनों के साथ और समानता हो गई। पिछले 2017 के विधानसभा चुनाव में विजमा यादव और पूजा पाल को हार मिली थी लेकिन इस बार 2022 के चुनाव में दोनों ने भारी मतों से विजयी प्राप्त किया है। पूजा पाल ने चायल सीट से अपना दाल एस उम्मीदवार नागेंद्र पटेल को हराया और विजमा यादव ने भी अपना दल एस उम्मीदवार राकेश धर त्रिपाठी को हराया।