कुंभ मेला प्रशासन ने तोड़ा अबूधाबी का रिकॉर्ड, एक साथ एक रूट पर चलीं 500 बसें

नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह बनाने की तैयारी

By: sarveshwari Mishra

Published: 28 Feb 2019, 03:23 PM IST

प्रयागराज. दिव्य-भव्य कुंभ कई ऐतिहासिक क्षणों के लिए सालों याद किया जाएगा। संगम की रेती पर यह कुंभ अपने अद्भुत प्रयोग के चलते इतिहास के पन्नो में दर्ज हो गया है। दिव्य-भव्य कुंभ में अब तक 22 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। अपनी विशालता और भव्यता के लिए दुनिया भर में चर्चित रहने वाले कुंभ मेले में अब लगातर तीन दिनों तक विश्व रिकार्ड बनाने की शुरुआत हो गई है। जिसमें आज भारत ने अबुधाबी में बनाये गए वर्ड रिकार्ड को तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

 

कुंभ मेले के नाम गुरुवार को अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हो गया। कुम्भ मेले में संचालित होने वाली 500 शटल बसों का एक साथ संचालन किया गया। यह उपलब्धि जल्द ही गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी दर्ज हो जाएगी। शटल बसों के 9 किमी लम्बे काफिले ने स्टार्ट प्वाइंट से 3.2 किमी का सफर तय किया। इस तरह से शटल बसों ने कुल 12 किमी की दूरी तय की। शटल बसों को प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला और कमिश्नर डॉ आशीष गोयल ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। नेशनल हाईवे 19 पर सहसों बाईपास से नवाबगंज तक के मार्ग पर शटल बसों का संचालन किया गया । इससे पहले 390 बसों के एक साथ संचालन का वर्ल्ड रिकार्ड यूएई के नाम दर्ज है, दो दिसम्बर 2010 को अबूधाबी में यह वर्ल्ड रिकार्ड बना था।

 

कमिश्नर आशीष गोयल ने कहा कि कुम्भ मेला की 500 से अधिक शटल बसों को एक साथ चलाकर मेला प्रशासन ने विश्व रिकार्ड बनाया है।500 शटल बसों का संचालन गिनीज विश्व रिकार्ड बुक में दर्ज हो रहा है। इसके पहले बने यूएई मे 390 बसों के संचालन के रिकार्ड को मेला प्रशासन ने 500 शटल बसों को चलाकर नया रिकार्ड बनाया बसों का प्रतीकात्मक संचालन कुम्भ मेला में अनुशासित यातायात प्रबन्धन का नमूना है। उन्होंने कहा कुम्भ मेले में 22 करोड़ से अधिक भीड़ को सुरक्षित और सुगम ढंग से वापस भेज देना स्वयं में कीर्तिमान है।

By-Prasoon Pandey

sarveshwari Mishra
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