
स्टाफ नर्स,सिस्टर भर्ती को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जाने क्यों लोक सेवा आयोग से किया जवाब-तलब
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के राजकीय चिकित्सालयों स्टाफ नर्स सिस्टर भर्ती मामले में सफल अभ्यर्थियों से अधिक अंक पाने वालों का चयन में विचार न करने के खिलाफ याचिका पर लोक सेवा आयोग व राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम राहत नहीं दी है और कहा है कि घोषित परिणाम याचिका के निर्णय पर निर्भर करेगा। याचिका की सुनवाई 19अप्रैल को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने प्रीति पटेल व अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता अजय त्रिपाठी व सुनील कुमार शुक्ल व आयोग के अधिवक्ता बी के एस रघुवंशी ने पक्ष रखा।
मालूम हो कि 3 अक्टूबर 21 को परिणाम घोषित किया गया और 28 मार्च 22 को वेबसाइट पर उत्तर कुंजी अपलोड की गई। आपत्ति नहीं मांगी गई।कुछ अभ्यर्थियों को दिये गये अंक से अधिक अंक प्राप्त होने के बावजूद चयन में शामिल नहीं किया गया।कुछ को चयनित से अधिक अंक प्राप्त हुए हैं।फिर भी चयन में शामिल नहीं किया गया। अनुभव योग्यता का अंक नहीं दिया गया। अनुभव योग्यता किस आधार पर स्वीकार या अस्वीकार की गई,खुलासा नहीं किया गया है। याची का कहना है कि प्रक्रियात्मक खामियां हैं।आन लाइन आवेदन दिया गया।जिसमें प्रक्रियात्मक कमी रह गई। आयोग के अधिवक्ता ने 10 दिन का समय मांगा।
सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस तरह के अपराध करने वाले आरोपी अग्रिम जमानत पाने का हकदार नहीं है। कोर्ट ने याची को दो हफ्ते में अदालत में समर्पण कर जमानत अर्जी दाखिल करने पर कोर्ट को यथाशीघ्र अर्जी तय करने का निर्देश दिया है।
Published on:
08 Apr 2022 11:03 am
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