2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Alwar: नशे में उठाया खौफनाक कदम, शराब पीकर नए साल का जश्न मनाना पड़ा भारी, 2 की मौत

Rajasthan News: शराब के नशे में एक व्यक्ति ने फंदा लगाकर जान दे दी, जबकि दूसरे ने गलती से तेजाब पी लिया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Akshita Deora

Jan 02, 2026

Drunk-Committed-Suicide-

फोटो: पत्रिका

Deaths Due To Alcohol: नए साल के मौके पर अलवर में शराब और नशे के चलते दो दर्दनाक घटनाएं हुईं। दरअसल अखैपुरा में 52 वर्षीय दीनदयाल ने शराब के नशे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली, वहीं रामगढ़ क्षेत्र के गांव गोहा में 60 वर्षीय रोशनलाल ने गलती से तेजाब को शराब समझकर पी लिया और उनकी अस्पताल में मौत हो गई।

नशे में लगा लिया फंदा

अलवर जिले के अखैपुरा थाना क्षेत्र में 52 वर्षीय दीनदयाल पुत्र बाबूलाल जाटव ( निवासी दिल्ली दरवाजा स्थित गंगा मंदिर) शराब पीकर नए साल का जश्न मनाने के दौरान खौफनाक कदम उठा लिया। दीनदयाल ने शराब के नशे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

वे फ्रैक्चर और जोड़ खिसकने का देसी इलाज करते थे। उनके परिवार में चार बेटियां और दो बेटे हैं, जिनमें से दो बेटियों की शादी हो चुकी है। इस घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

शराब समझकर पी गया तेजाब

वहीं अलवर के रामगढ़ थाना क्षेत्र के गांव गोहा में एक और दुखद घटना हुई। जिसमें 60 वर्षीय रोशनलाल पुत्र प्रभाती लाल जाटव ने शराब के नशे में गलती से तेजाब पी लिया, जिससे गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रोशनलाल के परिवार में चार बेटियां और एक बेटा हैं, सभी विवाहित हैं।

2.39 करोड़ रुपए की शराब पी गए अलवर के लोग

अलवर के लोगों ने 31 दिसंबर की रात नए साल के जश्न में शराब का जबरदस्त सेवन किया, जिससे लगभग 2.39 करोड़ रुपए की शराब पी गई। पांच दिनों में जिले में कुल मिलाकर करीब 5.70 करोड़ रुपए की शराब बिकने की जानकारी मिली है।

आबकारी विभाग की सख्ती और निगरानी के चलते इस बार करीब 38 अस्थाई लाइसेंस जारी किए गए, जिनमें अकेले 31 दिसंबर को 22 लाइसेंस थे। आबकारी अधिकारियों ने जिले के सभी लाइसेंसधारी और गैर-लाइसेंसधारी होटल, बार और रिसॉर्ट्स का निरीक्षण कर इस अभियान को सफल बनाया।

अलवर में देसी और अंग्रेजी शराब की लगभग 145 दुकानें हैं, और दिसंबर महीने में राजस्व में 106 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे अलवर प्रदेश में 10वें नंबर पर पहुंच गया।