
सरिस्का टाइगर रिजर्व में पांडुपोल तक 31 किमी लंबी ग्रेवल सड़क बनाई जाएगी। प्रदेश सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव अब राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के पास भेजा गया है। वहां से मंजूरी के बाद इसे धरातल पर लाया जाएगा। माना जा रहा है कि अप्रेल में ही राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक होगी, जिसमें सड़क निर्माण की मंजूरी मिल सकती है।
सुप्रीम कोर्ट में सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी ने सिफारिश की थी कि धर्म स्थल तक पहुंचने के लिए पेट्रोल-डीजल के वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाए। इसकी जगह इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएं। इन बसों के संचालन के लिए सरिस्का में ट्रायल हो गया है। पहले चरण में 30 बसें चलेंगी। बसों के लिए रास्ता बनाया जाएगा।
यहां पक्की सड़कें बनाना संभव नहीं है। ऐसे में ग्रेवल सड़क को मंजूरी मिल गई है। सरिस्का व टहला गेट से पांडुपोल मंदिर की दूरी लगभग बराबर है। एक साइड से बसों का प्रवेश होगा और दूसरे गेट से श्रद्धालु बाहर आएंगे। भृर्तहरि धाम के पास चार्जिंग स्टेशन बनेगा।
सरिस्का में पांडुपोल मंदिर के पास पार्किंग बनाई जाएगी, जिसमें एक बस आधा घंटा खड़ी रहेगी। करीब 5 बीघा जमीन की आवश्यकता होगी। इसी तरह चार्जिंग स्टेशन के लिए भी जमीन चाहिए। यह प्रस्ताव सरिस्का ने प्रशासन को भेज दिए हैं। अब मंजूरी के बाद काम शुरू होगा। गौरतलब है कि दिसंबर से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना सरकार को करनी होगी। सरकार ने इन कामों के लिए एक साल का समय मांगा था।
टहला व सरिस्का गेट से पांडुपोल मंदिर तक ग्रेवल सड़क की मंजूरी मिल गई है। यह प्रस्ताव प्रदेश सरकार के जरिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को भेजा गया है। वहां से फाइनल होने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। -संग्राम सिंह कटियार, क्षेत्र निदेशक, सरिस्का
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Published on:
08 Apr 2025 11:49 am

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