
सर्दी की परवाह किए बिना युवा सेना में जाने की चाहत लिए भर्ती में शामिल होने के लिए पहुंचे। इस सर्दी का इतना सा असर जरूर दिखा कि दौड़ का क्रम देरी से शुरू करना पड़ा। स्टेडियम के अंदर पहुंचते ही बदन के ऊपर से स्वेटर व अन्य वस्त्र भी उतार दिए। इसके बाद भी उनका जज्बा तनिक भी नहीं डिगा। धुंध के कारण दौड़ देरी से शुरू हुई। जिसे देखते हुए सेना ने स्टेडियम में लाइट्स और लगवाई हैं। शनिवार को मुण्डावर व लक्ष्मणगढ़ के युवाओं की दौड़ होगी। इन दोनों जगहों से 6 हजार 907 युवा पंजीकृत है। धुंध का असर अधिक रहा। जिसके कारण अब स्टेडियम में अतिरिक्त लाइट लगवाई हैं।
200 से 300 युवा दौड़े
सेना भर्ती में करीब 200 से 300 युवाओं का एक बैच बनाया गया। एक बैच को स्टेडियम के बाहर से लेकर भीतर तक ले जाने। वहां आवश्यक जानकारी लेने। प्रवेश पत्र देखने। फिर टै्रक के प्वांइट पर ले जाने में भी काफी समय लगता है। दौड़ समाप्त होने के बाद सफल व असफल अभ्यर्थियों को अलग-अलग किया जाता है। सफल अभ्यर्थियों का शारीरिक दक्षता परीक्षा का दूसरा चरण शुरू हो जाता है।
5485 में से 499 ही पास
पहले दिन कोटकासिम व अलवर तहसील के युवाओं की भर्ती में कुल 5 हजार 485 युवाओं ने दौड़ में भाग लिया। जिसमें से केवल 499 ही पास हुए। केवल 9 प्रतिशत युवा पास।
15 से 20 सफल
दौड़ में 15 से 20 युवा एक बैच में सफल रहे हैं। सेना में सबसे आगे रहने वाले युवाओं की पीठ भी थपथपाई जाने लगी है। भारत मां के जयकारे भी लगते रहते हैं।
पुराने पहचान पत्र नहीं चलेंगे
पहले दिन करीब 10 से 12 युवा पुराने पहचान पत्र लेकर पहुंच गए। जो गेट पर बार कोडिंग के जरिए उनके प्रवेश पत्र की जांच की तो बाहर कर दिया गया।
रात को जिला प्रमुख के आवास की रसोई तक युवा
स्टेडियम में नजदीक होने के कारण रात्रि को सबसे अधिक युवा जिला प्रमुख आवास पर विश्राम करने पहुंच रहे हैं। यहां उनको खाना भी नि: शुल्क मिल रहा है। पहले दिन रात्रि को जिला प्रमुख आवास पर टैण्ट में जगह नहीं बची तो कार्यालय खोला गया। कार्यालय में भी जगह नहीं मिली तो आवास के भीतर रसोई तक युवाओं के विश्राम करने का बंदोबस्त करना पड़ा।
Published on:
06 Jan 2018 11:30 am
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