
ज्योति शर्मा
खेती में नवाचार करने में अब अलवर के किसान भी पीछे नहीं हैं। यहां के किसान चंदन की खेती से लाखों रुपए कमा रहे हैं। शहर के समीपवर्ती गांव हाजीपुर डढ़ीकर के किसान रूपराम ने अपने खेतों में सफेद चंदन की खेती शुरू की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक किलो चंदन की कीमत 30 हजार रुपए है। लागत ज्यादा है, लेकिन उस अनुपात में कमाई भी अधिक है। रूपाराम को देख यहां के स्थानीय किसान भी इस खेती से जुड़ गए हैं और करीब एक दर्जन से ज्यादा किसान चंदन के बाग लगा रहे हैं। रूपराम पांचवीं पास हैं। सात साल पहले आंधप्रदेश से ये चंदन के पेड़ लेकर आए थे और खेतों में लगाना शुरू किया। उस दौरान लोगों ने इनकी मजाक बनाई। लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी और धुन मेें लगे रहे और आज गांव में चंदन उगाकर लोगों का मूंह बंद कर दिया है।
उन्होंने बताया कि 2017 में अपने दोस्त लक्ष्मणगढ़ के बडौदाकान निवासी नरेंद्र कौशिक के साथ आंध् प्रदेश जाकर करीब 500 पौधे लेकर आए थे। प्रत्येक पौधे की कीमत 500 -700 रुपए थी। पौधे जी पाएंगे या नहीं, यह नहीं सोचा। बस चंदन के पेड़ लगाने का जुनून था। पौधे लगाने के बाद इनकी देखभाल भी बहुत मेहनत से की। जब पौधा लेकर आए थे 10 इंच का था आज 15 फीट के हो गए हैं। तेज सर्दी व पारे से बचाने व गर्मी से बचाने के लिए इसके आसपास आरेड का पौधा लगाया, जिससे चंदन के पौधे को पोषण भी मिला और मौसम से बचाव भी हो गया।
चंदन की खेती करने से पहले रूपाराम ने उद्यान विभाग से भी इस बारे में जानकारी मांगी थी, लेकिन विभाग के पास इसकी जानकारी नहीं थी। आज राज्य भर से लोग चंदन की खेती की जानकारी के लिए इनके पास आ रहे हैं। अब गांव के राजेश सरपंच ने चंदन के 50 पौधे लगाए हैं। इसके अलावा तेजपाल, कृष्ण आदि ने भी इनसे प्रशिक्षण लेकर चंदन के पौधे लगाए हैं।
Published on:
17 May 2024 01:48 pm
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