
करणी माता मार्ग पर जाम (फोटो - पत्रिका)
देश भर में चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। भक्ति के इस उत्सव के चौथे दिन रविवार को राजस्थान के अलवर में स्थित ऐतिहासिक बाला किला क्षेत्र के करणी माता मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम देखने को मिला। माता के दर्शन की अभिलाषा लेकर तड़के से ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।
पहाड़ी क्षेत्र और ऊँचाई पर स्थित इस मंदिर तक पहुँचने के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह नजर आया। रविवार का अवकाश होने के कारण भीड़ का दबाव इतना अधिक बढ़ गया कि मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर जगह-जगह जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु जय माता दी के जयकारों के साथ माता के दरबार की ओर बढ़ते दिखाई दिए। मंदिर परिसर और इसके आसपास का पूरा इलाका भक्तों की भारी भीड़ से पूरी तरह पैक रहा।
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से विशेष तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए मंदिर मार्ग और मुख्य द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है ताकि भक्त सुगमता से दर्शन कर सकें।
प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर एक कड़ा और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। मेले में आने वाले दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है। सख्त हिदायत दी गई है कि जिन चालकों ने हेलमेट नहीं पहना होगा, उन्हें मेले के क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कदम सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और पहाड़ी रास्तों पर दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने वाहनों की पार्किंग के लिए अलग से विशेष स्थल निर्धारित किए हैं। जाम की समस्या से निपटने के लिए यातायात पुलिस लगातार मुस्तैद रही। मेले के दौरान पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन सेवाओं का भी ध्यान रखा गया है ताकि गर्मी और भीड़ के बीच किसी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
भक्तों का कहना है कि करणी माता के प्रति उनकी अटूट आस्था है और हर साल नवरात्रि के अवसर पर वे यहाँ शीश नवाने आते हैं। प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं की सराहना भी की जा रही है, हालांकि भीड़ अधिक होने के कारण कुछ स्थानों पर प्रतीक्षा समय काफी बढ़ गया है। कुल मिलाकर, करणी माता का यह मेला भक्ति और अनुशासन का मिला-जुला संगम पेश कर रहा है। माता के दर्शनों का यह सिलसिला शाम तक निरंतर जारी रहा।
Updated on:
22 Mar 2026 04:30 pm
Published on:
22 Mar 2026 04:29 pm
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