8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दिल्ली जयपुर नेशनल हाइवे पर हादसा, टक्कर में युवक की मौत, दजर्नों लोग गवां चुके जान, फिर भी नहीं इंतजाम

दिल्ली जयपुर हाईवे पर कार की टक्कर से युवक की मौत हो गई
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अलवर

•

image

Lubhavan Joshi

•

Updated: 29 Aug 2020, 7:22 AM IST

Accident On Delhi Jaipur Highway In Alwar

दिल्ली जयपुर नेशनल हाइवे पर हादसा, टक्कर में युवक की मौत, दजर्नों लोग गवां चुके जान, फिर भी नहीं इंतजाम,दिल्ली जयपुर नेशनल हाइवे पर हादसा, टक्कर में युवक की मौत, दजर्नों लोग गवां चुके जान, फिर भी नहीं इंतजाम,दिल्ली जयपुर नेशनल हाइवे पर हादसा, टक्कर में युवक की मौत, दजर्नों लोग गवां चुके जान, फिर भी नहीं इंतजाम

अलवर. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ दिल्ली जयपुर हाईवे पर शुक्रवार को पैदल ही हाइवे पार करने के प्रयास में कस्बे निवासी एक युवक को अकाल मौत का शिकार होना पड़ा। वहीं दूसरा गम्भीर रूप से घायल हो जाने के चलते जिन्दगी और मौत के बीच जंग लडऩे को विवश है।

थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह रावत के अनुसार कस्बे के लखेरा मोहल्ला निवासी सुनील लखेरा (35) पुत्र सोमदत्त लखेरा शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे पीएनबी बैंक शाखा की और से जोधपुर होटल की और पैदल ही हाइवे पार कर आना चाह रहा था। हाइवे की एक सडक़ पार करने के बाद बीचों बीच बने डिवाइडर पर दूसरा हाइवे मार्ग पार करने के इंतजार में खड़ा था। इसी बीच जौनायचा निवासी प्रवीण कुमार भी अपने पिता के साथ डिवाइडर पर खड़ा हो हाइवे पार करने का इंतजार कर रहा था। इसी बीच सुनील लखेरा ने हाइवे पर जैसे ही कदम रखा अचानक उत्तरप्रदेश राज्य की पंजिकृत इनोवा ने उसे सीधी टक्कर मार दी। इनोका की टक्कर इतनी भीषण थी कि सुनील के सिर में लगी गम्भीर चोट के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं इसी बीच हाइवे पार करने का प्रयाास कर रहे जौनायचा निवासी प्रवीण कुमार भी इनोवा की चपेट में आने से गम्भीर रूप से घायल हो गया। गम्भीर हालत में सीएचसी चिकित्सक डॉ.महेन्द्रङ्क्षसह चौधरी ने उसे रैफर कर देने पर नीमराना के सचखण्ड में भर्ती कराया गया। जहां से भी उसे रैफर कर दिया गया।

अब तक हो चुकी है दर्जनों मौत, नहीं है ओवर ब्रिज

गौरतलब है कि हाइवे पर दिल्ली व जयपुर से आने व जाने वाली सवारियों को हाइवे किनारे खडे होकर बसों का इंतजार करना पडता है। वहीं जयपुर की और से आने वाली सवारियां अपना सफर पूरा कर कस्बे में जाने के लिए हाइवे पार कर दूसरी दिशा में आते जाते रहने की विवशता के चलते शुक्रवार को एक और युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। वहीं दिल्ली की और जाने वाले कस्बेवासियों या अन्य गांवों की सवारियों को भी पैदल ही हाइवे पार करना पडऩे से हादसे का शिकार हो अपनी जान गंवा देते हैं। इससे पूर्व भी मध्यप्रदेश के गोलगप्पा विक्रता अपने परिवार सहित हाइवे पार करने के प्रयास में स्वयं के अलावा अपनी नन्ही बेटी व पत्नी सहित दुर्घटना का शिकार हो गये थे। हाइवे पार करने के प्रयास में दर्जनों मौते व अनेक गम्भीर दुर्घटनाएं हो जाने के बावजूद कस्बे का हाइवे के दोनों और का स्थाई बस स्टैण्ड नहीं पाने के चलते सफर की जल्दबाजी में अकारण दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ रहा है।

वहीं कस्बे का बना अण्डर पास में भी बारिस के दौरान पानी भरा रहने से पैदल निकल पाना मुश्किल बना होने के चलते अपनी जान जोखिम में डाल कस्बेवासी व आसपास के ग्रामीण हादसे का शिकार हो रहे है।कस्बेवासियों का कहना है कि दुर्घटना होने पर स्थानीय पुलिस व ग्रामीणों को स्थाई समाधान के लिए बस स्टैण्ड की आवश्यकता पर ध्यान जाता है। समय बीत जाने के बाद अगले हादसे तक ना तो प्रशासनिक आलाधिकारियों का ही इस और कोई ध्यान जाता है और ना ही स्थानीय जनप्रतिनिधी ही आमजन की समस्या की और कोई ध्यान देकर स्थाई समाधान का प्रसास कर रहे