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राजस्थान में गंगाजल विवाद के बाद ज्ञानदेव आहूजा का यूटर्न, कहा- मैं दलितों का पक्का समर्थक

Rajasthan Politics: पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने मंगलवार को जारी वीडियो में कहा कि मैं दलितों का पक्का समर्थक हूं। मैं जितना दलितों का सहयोग करता हूं, किसी भी नेता ने नहीं किया।

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अलवर

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Rakesh Mishra

Apr 08, 2025

Gyan Dev Ahuja

राजस्थान में अलवर के राम मंदिर में गंगाजल छिड़काव के मामले के बाद विवादों में आए पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने एक वीडियो जारी करके स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि उन्होंने किसी भी दलित का अपमान नहीं किया।

आहूजा ने मंगलवार को जारी वीडियो में कहा कि मैं दलितों का पक्का समर्थक हूं। मैं जितना दलितों का सहयोग करता हूं, किसी भी नेता ने नहीं किया। मेरा बयान सिर्फ कांग्रेस की मानसिकता को लेकर था। टीकाराम जूली प्रतिपक्ष के नेता हैं, लेकिन वह अपने आप को दलित नेता के रूप तक ही सीमित रखना चाहते हैं, जबकि मेरा यहां किसी भी दलित को लेकर कोई बयान नहीं था।

आहूजा ने कहा कि इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को भी आना था। उन्होंने कहा कि मेवात में 27 दलित लड़कियों को मैंने मुक्त कराया, जिनको मेव लड़के भगा ले गए थे। तीन महीने पहले की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गोहा गांव में मेव समाज के लोगों ने दलितों पर अत्याचार किया। जब कोई भी नेता उनके समर्थन में नहीं गया, जबकि ये नेता साइबर अपराध करने वालों के समर्थन में गए।

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जूली से कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं

उन्होंने कहा कि उनका टीकाराम जूली से कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं है और वह उनका सम्मान करते हैं। आहूजा ने कहा कि उनका बयान सिर्फ कांग्रेस के नीति को लेकर था, क्योंकि उन्होंने भगवान राम के जन्म के अस्तित्व और रामसेतु के अस्तित्व पर सवाल उठाया था। इसलिए उन्होंने कहा था कि जब ये मानते ही नहीं है तो क्यों भगवान राम के मंदिर में जाते हैं।

प्राथमिक सदस्यता से निलंबित

वहीं भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ नेता ज्ञानदेव आहूजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी ने उनके दिए बयान से खुद को अलग भी किया और कहा कि इस तरह के बयान का पार्टी समर्थन नहीं करती। वहीं तुरंत प्रभाव से उन्हें प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जाता है।

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