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डेढ़ करोड़ खर्च कर बनाई पानी की टंकी-गांव है आगर, फिर भी नहीं भर रही घरों में ‘गागर’

योजनाएं बनाई जाती है। उन्हें धरातल पर उतारने के लिए सरकार अपने नुमाइंदों को आदेश भी करती है, लेकिन आमजन को इनका लाभ दिलाने की कड़ी में अमल कितना होता है, यह बानगी थानागाजी के गांव आगर में आकर देखा जा सकता है। ब्लॉक क्षेत्र के गांव आगर में राज्य सरकार की ओर से जल जीवन मिशन के तहत पेयजल व्यवस्था के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर पानी की एक बड़ी टंकी बनाने के बावजूद जन स्वा. अभियांत्रिकी विभाग ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पाया है।

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आगर में डेड़ करोड़ खर्च कर बनाई गई टंकी।

आगर में डेड़ करोड़ खर्च कर बनाई गई टंकी।

थानागाजी (अलवर) . योजनाएं बनाई जाती है। उन्हें धरातल पर उतारने के लिए सरकार अपने नुमाइंदों को आदेश भी करती है, लेकिन आमजन को इनका लाभ दिलाने की कड़ी में अमल कितना होता है, यह बानगी थानागाजी के गांव आगर में आकर देखा जा सकता है। ब्लॉक क्षेत्र के गांव आगर में राज्य सरकार की ओर से जल जीवन मिशन के तहत पेयजल व्यवस्था के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर पानी की एक बड़ी टंकी बनाने के बावजूद जन स्वा. अभियांत्रिकी विभाग ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पाया है।

आरोप है कि विभाग की लापरवाही से सर्दियों में भी गांव में पेयजल संकट गहराया हुआ है। गांव के दीनदयाल मीणा, सतीश योगी, पप्पूराम खाती, दीपचंद सेन, प्रवेश सैनी, पूरण, पवन ज्योतिषी आदि ने बताया कि गांव में 4 दिन से पेयजल व्यवस्था ठप है। आलम यह है कि महीने में 10 दिन भी विभाग की ओर से पर्याप्त पेयजल सप्लाई नहीं की जा रही है। जिससे ग्रामीणों के लिए पेयजल की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बनी हुई है। ग्रामीण मात्र एक हैंडपम्प के भरोसे प्यास बुझा रहे हैं। गांव के युवा मंडल से हेमशंकर सोमवंसी के अनुसार विभाग से आगर में लगाए गए कार्मिक मनमर्जी से एक गांव के ही एक अन्य निजी प्राइवेट आदमी को टंकी की देखरेख, नल खोलने बन्द करने को लगाया हुआ है। जब भी उस निजी प्राइवेट व्यक्ति को अपनी मजदूरी नहीं मिलती वो आए दिन काम छोड़ घर बैठ जाता है और गांव में पेयजल सप्लाई नहीं हो पाती। एक वर्ष से यही हालात है और 4 दिन से तो पानी नहीं आने से आमजन पेयजल को परेसान हैं। जलदाय विभाग के अधिकारी कर्मचारियों से बात करने पर या तो फोन नहीं उठाते या संतोषजनक जवाब नहीं देते। जलदाय विभाग की कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में आक्रोश हैं। आक्रोषित ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक को ज्ञापन प्रेषित कर समस्या समाधान की मांग की हैं।


सर्दी में ये हालात तो गर्मी में क्या होगा?
ग्रामीणों का कहना है कि सर्दी में भी ऐसे हालात हैं तो गर्मी में क्या हालात होंगे? सरकार की ओर से पेयजल व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायत आगर के लिए डेढ़ करोड़़ से अधिक की राशि आवंटित कर पानी की बड़ी टंकी तो बना दी, परन्तु करीब एक वर्ष से अधिक समय से ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। मामले में जलदाय विभाग कनिष्ठ अभियंता प्रकास चन्द ने बताया कि पिछले दिन ही उसे आगर का अतिरिक्त कार्यभार दिया है। आगर में विभाग द्वारा कार्यरत कर्मचारी से बात कर जानकारी लेकर समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।