26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दोषी पिंटू को सजा-ए-मौत, न्यायालय के इस फैसले पर जनता ने भी दी अपनी बेबाक राय,जाने आप भी

72 दिन और 13 पेशियों में फैसला, आमजन की प्रक्रिया

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Prem Pathak

Jul 22, 2018

Alwar : 7-month-old girl rape case : decision in 72 days

दोषी पिंटू को सजा-ए-मौत, न्यायालय के इस फैसले पर जनता ने भी दी अपनी बेबाक राय,जाने आप भी

विशिष्ट लोक अभियोजक कुलदीप जैन ने बताया कि न्यायाधीश जगेन्द्र कुमार अग्रवाल ने दो कार्यभार और करीब 2500 से ज्यादा प्रकरण लम्बित होने के बावजूद प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया। प्रकरण में पुलिस ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए 27 दिन में न्यायालय में चालान पेश कर दिया। इसके बाद न्यायाधीश ने 21 जून को प्रसंज्ञान लेते हुए स्पीडी ट्रायल शुरू किया। प्रकरण के सम्बन्ध में 28 जून से न्यायालय में सुनवाई शुरू की गई, जो 16 जुलाई तक चली। जिसमें अभियोजन पक्ष की तरफ से 21 और मुल्जिम पक्ष की तरफ से एक गवाह कराए गए। प्रकरण में 17 जुलाई को पूरे दिन बहस चली। 18 जुलाई को आरोपी पिंटू को दोष सिद्ध किया गया तथा 21 जुलाई को उसे फांसी की सजा सुना दी गई। न्यायाधीश ने चार्ज लगने के बाद 22 अदालती कार्यदिवसों में 13 पेशियां लगाते हुए प्रकरण में साक्ष्य पूरे कर घटना के 72 दिवस बाद फैसला सुना दिया।

अलवर में न्यायालय की ओर से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को फांसी की सजा सुनाए जाने से समाज में अच्छा संदेश जाएगा। इस निर्णय के आने पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं कुछ इस प्रकार व्यक्त की।

समाज में इस तरह के अपराधों को रोकने लिए न्यायालय की सख्त कार्रवाई आवश्यक है। इससे समाज में अच्छा संदेश जाएगा। समाज में ऐसे अपराध रोकने के लिए जागरुकता भी आवश्यक है।
नीतू यादव, गृहणी, अलवर

अलवर में न्यायालय को निर्णय स्वागत योग्य है। बच्ची के साथ ऐसा करना बहुत दर्दनाक है जिसमें फांसी की सजा ही उपाए है। इससे और अपराधियों को सबक मिलेगा।
पुष्पा सैनी, अलवर

अलवर में इस तरह का निर्णय होना पूरे देश में एक संदेश के रूप में सामने आएगा। पॉक्सो कानून का पालन अब होने लगा है जिससे भय पैदा होगा।
पूनम सैनी, शिक्षिका, अलवर

अलवर जिले में ही नहीं पूरे देश में इस तरह के अपराध बढ़ गए हैं। अब इसके लिए मानसिकता को बदलना होगा। बहुत से लोग कहते हैं कि लड़कियां इस तरह के कपड़े पहनती हैं जिससे अपराध होते हैं।
सुनीता शर्मा, गृहणी, मालवीय नगर

इस निर्णय से सभी को झकझोर दिया है कि इस वैज्ञानिक युग में भी इंसान की सोच इस तरह की है जो पशुओं से भी बदतर है। न्यायालय का निर्णय स्वागत योग्य है।
संदीप यादव, युवा

अलवर में एेसी घटनाएं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। एेसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज में जागरुकता आवश्यक है। बहुत से लोग मानसिक रोगी हैं जिनका इलाज कानून ही कर
सकता है।
कंचन कौशिक, शिक्षिका

इस निर्णय से समाज में एक अच्छा संदेश जाएगा। जब तक किसी को डर नहीं होगा तो तब तक वह कानून का पालन नहीं करेगा।
अंजली शर्मा, छात्रा, अलवर

बड़ी खबरें

View All

अलवर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग