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Success Story: ‘बकरी’ ने कैसे बदली राजस्थान की सीतो बाई की जिंदगी, अब हो रही लाखों रुपए की कमाई

राजस्थान के अलवर जिले के ग्रामीण परिवेश में रहने वाली एक साधारण महिला सीतो बाई बकरी पालन से अच्छी कमाई कर रही हैं।
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अलवर

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Santosh Trivedi

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Updated: 26 Jan 2026, 5:54 PM IST

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Photo- Patrika

अलवर। गोविन्दगढ इलाके के ग्रामीण परिवेश में रहने वाली एक साधारण महिला सीतो बाई ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादे, सही मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत से कोई भी व्यक्ति अपनी किस्मत बदल सकता है।

बकरी पालन को आजीविका का साधन बनाकर इस महिला ने न केवल अपने परिवार को आर्थिक रूप से संबल दिया, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी कायम की है।

इब्तिदा संस्था के सहयोग से महिला ने शुरुआत बेहद सीमित संसाधनों के साथ की। प्रारंभ में कुछ ही बकरियों से काम शुरू किया गया।

खर्च की तुलना में मिल रहा अच्छा मुनाफा

पशुपालन विभाग से प्रशिक्षण, समय-समय पर टीकाकरण और तकनीकी सलाह मिलने से बकरियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होती गई।

संतुलित आहार और नियमित देखभाल के कारण बकरियों का स्वास्थ्य बेहतर रहा और उत्पादन में भी वृद्धि हुई।

वर्तमान में महिला के पास विभिन्न नस्लों की दर्जनों बकरियां हैं। बकरी पालन पर किए गए खर्च की तुलना में उन्हें अच्छा मुनाफा प्राप्त हो रहा है।

एक ओर जहां बकरियों की खरीद और देखभाल पर सीमित लागत आई, वहीं दूसरी ओर मेमनों की बिक्री से हजारों रुपये की आमदनी हुई।

सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला

जानकारी के अनुसार कुछ वर्षों में बकरियों की बिक्री से महिला को लाखों रुपये की आय हुई, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल गई।

इब्तिदा संस्था के मूलचंद बताते है कि सरकारी योजनाओं के तहत उन्हें ऋण और अनुदान का लाभ दिया। इससे बकरी पालन को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिली।

घर बैठे रोजगार मिलने से उन्हें बाहर मजदूरी के लिए नहीं जाना पड़ा और परिवार के साथ रहकर सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला।

क्षेत्र की महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा

पशुपालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बकरी पालन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम है। सही योजना, तकनीकी जानकारी और मेहनत से यह व्यवसाय महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना सकता है।

आज यह महिला क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी सफलता की कहानी यह संदेश देती है कि यदि हौसला मजबूत हो, तो कोई भी महिला अपने दम पर आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज का भविष्य संवार सकती है।