
प्रदेश के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ, प्रवेश के लिए ये रहेगें नियम-शर्त
अलवर. पॉलिटेक्निक कॉलेजों के विभिन्न कोर्सों में अध्ययन करने पर युवाओं के कॅरियर की राह आसान हो जाती है। पॉलिटेक्निक कॉलेजों में अध्ययन करने वालों को रोजगार पाने में कठिनाई नहीं आती है वहीं इससे इंजीनियरिंग बीटेक में प्रवेश पाना आसान हो रहा है। प्रदेश के सभी राजकीय व गैर सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश के लिए 9 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं।
प्रदेश में बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन जोधपुर की ओर से पॉलिटेक्निक कॉलेजों में विभिन्न कोर्स संचालित किए जाते हैं। प्रदेश में 36 राजकीय और 107 गैर सरकारी पॉलिटेक्निक महाविद्यालय हैं। अलवर जिले में 3 राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों की संख्या तथा गैर सरकारी कॉलेजों की संख्या 9 है। राजकीय महाविद्यालयों में प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए कुल सीटें 5600 तथा गैर सरकारी महाविद्यालयों में यह संख्या 29 हजार 115 है। द्वितीय वर्ष में प्रवेश के लिए राजकीय महाविद्यालयों में कुल सीटों की संख्या 3 हजार 488 है जबकि गैर सरकारी महाविद्यालयों में यह संख्या 38 हजार 250 है। अलवर के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय अलवर, भिवाड़ी व नीमराणा है जबकि गैर सरकारी में लक्ष्मी देवी पॉलिटेक्निक कॉलेज चिकानी, सिद्दी विनायक पॉलिटेक्निक कॉलेज, एनआईआईटी पॉलिटेक्निक कॉलेज, लक्ष्मीधर पॉलिटेक्निक कॉलेज, बानसूर पॉलिटेक्निक कॉलेज, डॉ.़ राधाकृष्णन पॉलिटेक्निक कॉलेज तथा धोलापलाश पॉलिटेक्निक कॉलेज हैं।
आवेदन करने के लिए यह हैं आवश्यक
पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रवेश के लिए आवश्यक दस्तावेजों में पासपोर्ट साइज का फोटो, 10 या 12 वीं कक्षा की मार्कशीट तथा मूल निवास प्रमाण पत्र है। पॉलिटेक्निक में प्रवेश के लिए कक्षा दसवीं तथा बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद प्रवेश लिया जा सकता है। आवेदन करने से पूर्व अभ्यर्थी को अपना पंजीयन कराना आवश्यक होगा। आवेदक को अपना नाम, पिता का नाम, माता का नाम, जन्म तिथि, सैकंडरी परीक्षा की अंक तालिका के आधार पर ही भरना होगा। आवेदक को अपनी ईमेल आईडी भी आवश्यक रूप से अंकित करनी चाहिए। आवेदन शुल्क 300 रुपए निर्धारित किया गया है। प्रथम वर्ष में 21 जून से आवेदन भरना शुरु हो गए हैं जबकि इसमें 9 जुलाई तक आवेदन किया जा सकेंगे। द्वितीय वर्ष में आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। गैर सरकारी कॉलेजों में 15 प्रतिशत स्थान मैनेजमेंट कोटा के अन्तर्गत आरक्षित हैं। आवेदक को आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद ई मेल पर उन्हें मैसेज प्राप्त होगा। आवेदन करते समय आधार कार्ड के नम्बर को अंकित करना आवश्यक है। प्रवेश के लिए योग्यता सूची अभ्यर्थी की माध्यमिक व समकक्ष परीक्षा मेंं प्राप्तांक के प्रतिशत के आधार पर बनाई जाएगी। राजकीय महाविद्यालयों में फीस जनरल की 12 हजार 500, लड़कियों व एससी तथा एसटी की फीस 8 हजार 500 है इसी प्रकार गैर सरकारी महाविद्यालयों में यह फीस 30 हजार 800 रुपए है।
डिप्लोमा कोर्स के प्रति बढ़ा रुझान
स्कूल शिक्षा पूरी करते ही हर साल इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स करने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है। तीन वर्ष की अवधि के बाद डिप्लोमा पूर्ण होने पर इसमें रोजगार के अवसर खूब मिलते हैं। कॅरियर काउंसलर राजेश भारद्वाज का कहना है कि सिविल, इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल में विद्यार्थियों के लिए रोजगार के काफी अवसर हैं। सिविल सेवाओं का विस्तार कई वर्षों से
बढ़ रहा है।
इन विषयों की है अधिक मांग
अलवर जिला मुख्यालय पर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल तथा इलेक्ट्रोनिक ब्रांच हैं। इन दिनों प्रदेश में ही सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल तथा कम्प्यूटर साइंस की अधिक मांग है। इनमें अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को रोजगार के लिए अधिक मशक्कत नहीं करनी होती।
Published on:
28 Jun 2018 08:50 am
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