
कोरोना काल में अनदेखी के चलते अलवर शहर की सड़कें हो गई बदहाल, मरम्ममत व पेवरीकरण भी भूल रहे
अलवर. कोरोना महामारी में अलवर शहर वायरस की चपेट में रहा और आमजन को अब अच्छी रोड भी नसीब नहीं हो पा रही। शहर की अधिकतर कॉलोनियां ही नहीं मुख्य रोड भी टूटेे हुए हैं। कहीं सड़कें धंस गई तो कहीं रोडिय़ां निकल गई। अलवर शहर में यूआईटी, नगर परिषद व पीडब्ल्यूडी की ओर से सड़कों की पूरी तरह सुध नहीं लेने से आमजन उबड़-खाबड़ रोड से निकलने को मजबूर है। जिसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं होती है। मिट्टी धूल उड़ती है। जिससे कई तरह के मरीजों की मुश्किल हो जाती है।
सीवरेज लाइन डाली, रोड उखाड़ डाली
अलवर शहर में पहले आरयूआइडीपी ने सैकड़ों किलोमीटर की रोड तोड़कर सीवरेज लाइन डालने का काम किया। लेकिन, जिम्मेदार फर्म ने रोड को पहले जैसा दुरुस्त नहीं किया। जिसके कारण सालों तक जनता को टूटी रोड पर धक्के खाने पड़े। वहीं हाल अब यूआईटी की ओर से डलवाई जा रही सीवरेज लाइन के बाद शहर की सड़कों का हो गया है। अनेक जगहों पर रोड टूटी पड़ी हैं।
काला कुआं हो या विवेकानन्द नगर
काला कुआं हो या विवेकानन्द नगर। यहां अनेक जगहों पर रोड सीवरेज लाइन डालने के बाद धंसी हैं लेकिन, जिम्मेदारों ने पूरी निगाह तक नहीं रखी। जनता अब तक टूटी रोड पर धक्के खाने को मजबूर है। अलग-अलग कॉलोनियों में घरों सामने सड़कें धंसी पड़ी हैं। बहुत सी जगहों पर तो सीवरेज के चैम्बर के आसपास सड़क टूटी है। जिसके कारण आमजन आए दिन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। इसी तरह स्कीम आठ, स्कीम तीन, दो, अम्बेडकर नगर, सूर्य नगर जैसी पॉश कॉलोनी ही नहीं पुराने क्षेत्रों में भी सड़कें बदहाल हैं। कृषि कॉलोनियों का कोई धणी धोरी नहीं है। वहां एक बार रोड टूटने के बाद सालों तक सुध नहीं ली जाती है।
कई करोड़ रुपए से होगा पेवरीकरण
शहर में सूर्य नगर, अम्बेडकर नगर, हसंन खा सहित अनेक जगहों पर सड़कों का पेवरीकरण कार्य जल्दी होगा। कुछ जगहों पर काम शुरू हो गया है। कई करोड़ रुपए से सड़कों की दशा सुधारी जाएगी।
पीके जैन, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, यूआईटी अलवर
Published on:
13 Oct 2020 06:41 pm
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