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बांग्लादेशियों की निगाह अलवर पर, फिर हो सकती है जिले के इन क्षेत्रों में बड़ी घुसपैठ

ईंट भट्टों पर काम बंद, चार माह बाद फिर शुरू होंगे

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अलवर

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Prem Pathak

Jul 20, 2018

Alwar : Bangladeshi infiltration in Alwar

बांग्लादेशियों की निगाह अलवर पर, फिर हो सकती है जिले के इन क्षेत्रों में बड़ी घुसपैठ

माजरीकलां. ईंट भट्टों से खदेड़े गए बांग्लादेशियों की चार माह बाद क्षेत्र में फिर घुसपैठ हो सकती है। दरअसल, बारिश के मौसम के कारण ईंट भट्टों पर काम बंद हो गया है और श्रमिक अपने घरों या अन्य कामकाज के लिए यहां से निकल गए हैं। चार माह बाद फिर ईंट भट्टे शुरू होंगे। तब श्रमिक परिवार फिर इन भट्टों की तरफ रुख कर लेंगे। उस समय यदि पुलिस और प्रशासन ने पूरी निगरानी नहीं रखी तो स्थानीय श्रमिकों के साथ बांग्लादेशी श्रमिक फिर से इन ईंट भट्टों पर आ सकते हैं।
राजस्थान पत्रिका ने अप्रेल माह में 'माजरीकलां में ईंट भट्टों पर रह रहे हैं बांग्लादेशी ' का समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद पुलिस व प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए यहां अवैध रूप से रह रहे 37 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़कर नियमानुसार कार्रवाई कर वापस बांग्लादेश भेज दिया था।

कई बांग्लादेशी कार्रवाई से बचे:

कार्रवाई से बचते हुए कई बांग्लादेशी नागरिक ईंट भट्टा संचालकों की मदद से पास में सटे हरियाणा सीमा के भट्टों पर काम करने लग गए, जो आज भी बाजार में सामान खरीदने के लिए कस्बे के बाजार में घूमते दिखाई दे जाते हैं। उल्लेखनीय है कि बांग्लादेशी नागरिक भारत-बांग्लादेश सीमा पर दलालों को पैसे देकर भारत मे प्रवेश करते है और वहां से उन्हें ईंट भट्टों मजदूरी के लिए भेज दिया जाता है।

क्षेत्र में 50 से ज्यादा ईंट भट्टे:

पिछले करीब 10-15 साल में माजरीकलां कस्बे के पास के गांव विजयसिंहपुरा, भीमसिंहपुरा, मांढण, रोड़वाल, व खुंदरोठ सहित पड़ोस के हरियाणा के गांव कांटी, खेड़ी आदि गांवों में करीब 50 से ज्यादा ईंट भट्टे संचालित हैं। जिन पर स्थानीय श्रमिकों के साथ बांग्लादेशियों के काम करते हैं।

रखना होगा रिकॉर्ड

चार माह बाद ईंट भट्टे शुरू होने पर फिर से बांग्लादेशियों की घुसपैठ नहीं हो जाए, इसके लिए पुलिस प्रशासन को सतर्क रहना होगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ईंट भट्टा संचालकों को उनके पास काम करने वाले सभी मजदूरों की पहचान के दस्तावेज फोटो सहित रिकॉर्ड के रूप में रखने के आदेश दिए हैं। उनकी पुलिस वैरिफिकेशन करवाने के लिए आवेदन पत्र भी भिजवा दिए गए हैं। साथ ही सभी ईंट भट्टों पर निगरानी रखी जा रही है। अगर कोई भी ईंट भट्टा संचालक किसी बांग्लादेशी मजदूर को रखेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।