
Representative picture (patrika)
नए साल के जश्न के दौरान अलवर जिले में शराब की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई। 31 दिसंबर की रात अकेले करीब 2.39 करोड़ रुपए की शराब की खपत हुई, जबकि पांच दिनों में कुल बिक्री लगभग 5.70 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। आबकारी विभाग ने इस बार सख्ती की तो करीब 38 ओकेजलन लाइसेंस जारी हुए। अकेले 31 दिसंबर को 22 लाइसेंस जारी हुए। जश्न के बीच सरकार को भी बड़े पैमाने पर राजस्व प्राप्त हुआ।
जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैमन ने बताया कि विभाग ने इस बार नववर्ष से पहले ही अभियान चलाया। सहायक आबकारी अधिकारी राजेश मीणा के नेतृत्व में चार टीमों ने सभी लाइसेंसशुदा और गैर-लाइसेंस शुदा होटल, बार और रिसॉर्ट का निरीक्षण किया। इसका फायदा हमें मिला और पहली बार इतने अस्थाई लाइसेंस जारी हुए। कई होटल संचालकों ने हाथोंहाथ रजिस्ट्रेशन शुल्क भी जमा कराया।
अलवर में देसी व अंग्रेजी शराब की करीब 145 दुकानें हैं। दिसंबर महीने में इस बार 106 प्रतिशत राजस्व देकर अलवर पूरे प्रदेश में 10वें नंबर पर आ गया है। अभी वित्तीय वर्ष के तीन महीने बचे हैं, ऐसे में राजस्व और ज्यादा बढ़ेगा।
अलवर में सरिस्का बाघ अभयारण्य और सिलीसेढ़ जैसे पर्यटक स्थल हैं। यही वजह है कि वीकेंड पर बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। खासकर नववर्ष पर यहां जबर्दस्त भीड़ रहती है। उसका ही फायदा आबकारी विभाग को मिला है। साथ ही, सख्ती के कारण भी कई अस्थाई लाइसेंस जारी हुए।
Updated on:
2 Jan 2026, 11:40 AM IST
Published on:
2 Jan 2026, 11:40 AM IST
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