6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भिवाड़ी में कोरोना वायरस को नियंत्रित करने की जरूरत

भिवाड़ी में कोरोना वायरस को नियंत्रित करने की जरूरत

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Prem Pathak

Jun 29, 2020

भिवाड़ी में कोरोना वायरस को नियंत्रित करने की जरूरत

भिवाड़ी में कोरोना वायरस को नियंत्रित करने की जरूरत

- विभिन्न विभागों के समन्वय के लिए तीन अधिकारी नियुक्त किए

अलवर. जिला कलक्टर इन्द्रजीत सिंह ने भिवाडी औद्योगिक क्षेत्र की तहसील तिजारा में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों की अप्रत्याशित संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए तीन अधिकारियों को भिवाडी में नियुक्त किया है। ये अधिकारी पुलिस, मेडिकल एवं अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर कार्य करेंगे। भिवाडी में अब तक 150 कोरोना संक्रमित मरीज आए हैं।

जिला कलक्टर ने सोमवार को कोर गु्रप की समीक्षात्मक बैठक में कहा कि अरविन्द कविया तहसीलदार तिजारा, अजीतपाल सिंह यादव नायब तहसीलदार टपूकडा व उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. छबील दास को भिवाडी में लगाया है। तीनों अधिकारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी भिवाडी के निर्देशानुसार समन्वय के साथ कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कार्य योजना के साथ कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि भिवाडी औद्योगिक क्षेत्र में कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या बढ़ रही है। इसे देखते हुए मेडिकल विभाग के कर्मचारी योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें, जिससे कम्युनिटी संक्रमण को रोका जा सके। उन्होंने सीएमएचओ को भिवाडी क्षेत्र में ग्राम सर्वे टीम व मेडिकल विभाग की टीम से जागरुकता के साथ कार्य कराने के निर्देश दिए।

मॉनिटरिंग के लिए एक अधिकारी लगाएं

जिला कलक्टर ने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि प्रभावी क्षेत्रों में चिकित्सकों की टीम लगाई जाए व उनके ऊपर मॉनिटरिंग के लिए एक अधिकारी नियुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि भिवाडी क्षेत्र की श्रमिक कॉलोनियों में पाए गए संक्रमित व्यक्तियों को सीएचसी सेंटर पर शिफ्ट करवाएं तथा उनके निकटवर्ती हिस्ट्री के लोगों की सघनता से मॉनिटरिंग करें।

अभियान की अवधि 7 जुलाई तक बढ़ाई

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए विशेष जागरुकता अभियान की अवधि आगामी 7 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। इसलिए इन कार्यक्रमों को आगामी 7 जुलाई तक आयोजित कराएं। जागरूकता अभियान के तहत गांव, ढाणी, वार्ड एवं मोहल्ले तक लोगों को इस महामारी के बचाव के प्रति जागरूक किया जाए।