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अब घर आएगी कोरोना वैक्सीन, नहीं लगवाई तो होगी कार्रवाई

सर्दी का मौसम शुरू होने एवं सरकार की ओर से स्कूल, कॉलेज में पूरी उपस्थिति समेत सभी तरह की छूट देने के बाद अब शत प्रतिशत वैक्सीनेशन ही कोरोना की संभावित तीसरी को रोक सकता है। जिले में अभी वैक्सीन की पहली डोज की तुलना में करीब आधी ही मात्रा में दूसरी डोज लग पाई हैं।

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अलवर

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Prem Pathak

Nov 18, 2021

अब घर आएगी कोरोना वैक्सीन, नहीं लगवाई तो होगी कार्रवाई

अब घर आएगी कोरोना वैक्सीन, नहीं लगवाई तो होगी कार्रवाई

अलवर. सर्दी का मौसम शुरू होने एवं सरकार की ओर से स्कूल, कॉलेज में पूरी उपस्थिति समेत सभी तरह की छूट देने के बाद अब शत प्रतिशत वैक्सीनेशन ही कोरोना की संभावित तीसरी को रोक सकता है। जिले में अभी वैक्सीन की पहली डोज की तुलना में करीब आधी ही मात्रा में दूसरी डोज लग पाई हैं। यही कारण है कि अब चिकित्सा विभाग ने घर- घर जाकर लोगों को वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू किया है, वहीं वैक्सीन नहीं लगवाने वाले लोगों के खिलाफ एपेडेमिक एक्ट में सख्त कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रशासन भेजने का निर्णय किया है।

सर्दी का मौसम शुरू होते ही कोरोना की आहट फिर से सुनाई पडऩे लगती है। इस साल भी सर्दी की दस्तक के साथ ही कोरोना के दो पॉजिटिव मामले मिल चुके हैं। अभी सर्दी की तीव्रता और बढऩी है, इस कारण कोरोना के खतरे की आशंका बनी हुई है।

वैक्सीनेशन से हुए दूर, प्रोटोकॉल भी नहीं अपना रहे

कोरोना से बचाव का बड़ा उपाय सभी लोगों का वैक्सीनेशन है, लेकिन अलवर जिला अभी वैक्सीनेशन में लक्ष्य से पीछे हैं। अभी तक जिले में 90 प्रतिशत से ज्यादा वैक्सीनेशन पूरा होना जरूरी था। अभी तक जिले में करीब 82 प्रतिशत लोगों ने कोरोना वैक्सीन की पहली और 45 से 47 प्रतिशत ने ही दूसरी डोज लगवाई है। पहली डोज लगवाने के प्रति लोगों में जल्दबाजी रही, लेकिन दूसरी डोज लगवाने के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। जबकि कोरोना संक्रमण से लोग तभी सुरक्षित हो सकते हैं, जब वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हो। इसके अलावा कोरोना प्रोटोकॉल की शत प्रतिशत पालना से ही कोरोना की तीसरी लहर से बचा जा सकता है, लेकिन इन दिनों लोग कोरोना प्रोटोकॉल को लेकर पूरी तरह लापरवाही बरत रहे हैं। स्कूलों में बच्चों से लेकर प्रशासन शहरों के संग व प्रशासन गांवों के संग अभियान में लोगों के चेहरे से मास्क गायब हो चुके हैं और भीड़भाड़ के चलते दो गज दूरी का पालन भी दिखाई नहीं पड़ रहा। ऐसे में अलवर जिले को कोरोना की तीसरी लहर का जख्म झेलना पड़ सकता है।

खतरा जीका वायरस का भी कम नहीं
जिले में कोरोना का वर्तमान वेरिएंट के साथ जीका वायरस का खतरा भी कम नहीं है। कारण है कि अलवर जिले की कनेक्टिविटी दिल्ली, गुरूग्राम, जयपुर, जोधपुर सहित अन्य बड़े शहरों से सीधे है। जोधपुर में जीका वायरस का केस मिल चुका है, जबकि अलवर की जोधपुर से सीधी कनेक्टिविटी है, ऐसे में कोरोना के वर्तमान वेरिएंट के साथ ही धातक वायरस जीका का खतरा भी कम नहीं है। वहीं भिवाड़ी व नीमराणा में विदेशी कम्पनियां, सरिस्का बाघ परियोजना आदि में विदेशी लोगों का भी आना जाना रहता है।

अभी कोरोना की 1400 से 1500 ही जांचें

वर्तमान में जिले में कोरोना की प्रतिदिन 1400 से 1500 जांचे हो रही है, लेकिन यह कोरोना के खतरे की आशंका को देखते हुए कम है। इतनी कम जांच में अलवर जैसे बड़े जिले में कोरोना संक्रमण को चिह्नित करना आसान नहीं है। यही कारण है कि चिकित्सा विभाग अब कोरोना जांच की संख्या बढ़ाकर 3000 से 4000 तक ले जाने की तैयारी में है। हालांकि अभी अलवर जिला कोरोना जांच के मामले में प्रदेश में दूसरे-तीसरे स्थान पर है।

वैक्सीन नहीं लगवाने पर होगी कार्रवाई

वैक्सीनेशन के प्रति लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ चिकित्सा विभाग ने अब सख्ती बरतने का फैसला किया है। चिकित्सा विभाग वैक्सीनेशन की पहली व दूसरी डोज में अंतर को पाट शत प्रतिशत वैक्सीनेशन के लिए घर-घर वैक्सीनेशन कराएगा, साथ ही जो व्यक्ति वैक्सीन नहीं लगवाएगा, उसके खिलाफ एपेडेमिक एक्ट में कार्रवाई के लिए प्रशासन को लिखा जाएगा।

कोरोना से बचाव के लिए यह करें
स्कूलों में बच्चों सहित किसी भी व्यक्ति को कोरोना के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें तथा जांच कराएं। कोरोना संक्रमण मिलने पर घर पर ही रहकर इलाज लें। वहीं सभी लोग वैक्सीन की पहली व दूसरी डोज अवश्य लगवाएं। साथ ही कोरोना प्रोटोकॉल की पूर्ण पालना करें, तभी कोरोना की संभावित लहर को रोक पाना संभव होगा।

घर- घर वैक्सीनेशन किया शुरू

कोरोना से बचाव के लिए शत प्रतिशत वैक्सीनेशन जरूरी है। इसलिए घर-घर वैक्सीनेशन शुरू किया गया है। जिन्होंने अभी तक वैक्सीनेशन नहीं कराया है, वे जरूर कराएं। वैक्सीनेशन नहीं कराने वालों के खिलाफ एपेडेमिक एक्ट में कार्रवाई भी प्रस्तावित करेंगे। प्रशासन गांवों के संग व शहरों के संग अभियान में भी वैक्सीनेशन की सुविधा है, वहां भी लोग लगवा सकते हैं।
डॉ. ओपी मीणा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अलवर

फैक्ट फाइल

जिले की कुल जनसंख्या- 4240940
कोविड वैक्सीनेशन का लक्ष्य- 2756611

लक्ष्य के विरुद्ध प्रगति- 2252391 (प्रथम डोज)
वैक्सीन की प्रथम डोज का प्रतिशत- 81.70

प्रथम वैक्सीन से शेष रहे लोग- 504220
वैक्सीन की दूसरी डोज- 1067918

वैक्सीन की दूसरी डोज का प्रतिशत- 47.41
वैक्सीन की द्वितीय डोज से शेष लोग- 1184473

जिले को कुल प्राप्त वैक्सीन- 3262640
जिले में कुल लगाई वैक्सीन- 3320309

वैक्सीन का वेस्ट फेक्टर- (-0.1 प्रतिशत)
कोविशिल्ड- 2894470

कोवैक्सीन- 366170
जिले में उपलब्ध वैक्सीन-

कोविशिल्ड- 200700
कोवैक्सीन- 36540