6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोरोना नए वेरियंट ओमिक्रोन के खतरे से अलवर जिला भी अछूता नहीं

दुनियां के कई देशों में मिले कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे से अलवर जिला भी अछूता नहीं है, कारण है कि दिल्ली एवं अन्य बड़े शहरों के लोगों की भिवाड़ी, नीमराणा व अलवर सहित अन्य क्षेत्रों में सीधी पहुंच होने के कारण यहां किसी भी नए वेरिएंट के पहुंचने का खतरा ज्यादा रहता है।

3 min read
Google source verification

अलवर

image

Prem Pathak

Dec 01, 2021

कोरोना नए वेरियंट ओमिक्रोन के खतरे से अलवर जिला भी अछूता नहीं

कोरोना नए वेरियंट ओमिक्रोन के खतरे से अलवर जिला भी अछूता नहीं

अलवर. दुनियां के कई देशों में मिले कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे से अलवर जिला भी अछूता नहीं है, कारण है कि दिल्ली एवं अन्य बड़े शहरों के लोगों की भिवाड़ी, नीमराणा व अलवर सहित अन्य क्षेत्रों में सीधी पहुंच होने के कारण यहां किसी भी नए वेरिएंट के पहुंचने का खतरा ज्यादा रहता है। नवम्बर माह में जिले में मिला कोरोना संक्रमित भी नार्वे से आया था, बाद में उनके परिजन भी पॉजिटिव पाए गए थे। यही कारण है कि कोरोना पिछली दोनों लहरों में भी अलवर काफी संवदेनशील रहा था।

कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रान अभी भारत में नहीं मिला है, लेकिन दुनियां के एक दर्जन से ज्यादा देशों में नए वेरिएंट के संक्रमित मिलने से जिले के लोगों में भी कोरोना के फिर से लौटने को लेकर चिंता होने लगी है। हालांकि चिकित्सा विभाग का मानना है कि शत प्रतिशत वैक्सीनेशन से कोरोना के नए वेरियंट का असर काफी कम हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि जिले में वैक्सीनेशन की गति बढ़ाई जाए, लेकिन जिले में अब भी करीब 20 फीसदी लोग वैक्सीन से पूरी तरह दूर हैं, वहीं पहली डोज लगवाने वाले लोगों में भी करीब आधे अभी दूसरी डोज से दूूरी बनाए हुए हैं। यही कारण है कि अलवर जिला कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे से अछूता नहीं है।

वैक्सीन नहीं लगवाने वालों पर होगी कार्रवाई

कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाने वाले लोगों के खिलाफ अब कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सा विभाग ने जिले में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन के लिए गत एक नवम्बर से घर-घर वैक्सीनेशन शुरू कराया है, इस कार्य में करीब एक हजार एएनएम व कोविड हैल्थ सहायक आदि कर्मियों को लगाया गया है। सभी चिकित्सा कर्मी प्रतिदिन अपने क्षेत्र में बचे लोगों में 10 प्रतिशत वैक्सीनेशन के लक्ष्य को लेकर कार्य में जुटे हैं। वहीं चिकित्सा विभाग एवं जिला प्रशासन ने भी अब वैक्सीनेशन नहीं कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली है। कार्रवाई की मार सबसे पहले सरकारी कर्मचारी व अधिकारियों पर पडऩा तय है, जिन्होंने अभी तक दोनों डोज नहीं लगवाई है, उन्हें चेतावनी के बाद नोटिस देने तथा अन्य सख्त कार्रवाई की मार झेलना तय है। इसी तरह निजी कार्यालयों, उद्योगों में वैक्सीन की एक या दोनों डोज नहीं लगवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। चेतावनी के बाद भी वैक्सीनेशन नहीं कराया तो उन पर ताले भी लगाने की तैयारी है। इसके बाद खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को समझाइश कर वैक्सीनेशन बढ़ाई जाएगी।

जीनोम सिक्वेसिंग रिपोर्ट 48 घंटे में मिल सकेगी

कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का पता जीनोम सिक्वेसिंग से ही संभव है। आईटीपीसीआर जांच में नए वेरिएंट का पता लगना संभव है। ओमिक्रॉन वेरिएंट करीब 30 रूप बदलने में सक्षम है, ऐसे में जीनोम सिक्वेसिंग जरूरी है। लेकिन यह सुविधा अभी अलवर में नहीं है। इस कारण यहां से सेंपल हैदराबाद भेजने पड़ते हैं, जिनकी रिपोर्ट मिलने में कम से कम 48 घंटे का समय जरूरी है। वैसे नवम्बर माह में जिले में मिले 18 कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट भी हैदराबाद भेजी गई है, जिनकी रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।

नए वेरिएंट से बचाव के लिए यह तैयारी

कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर चिकित्सा विभाग अलर्ट पर है। कोरोना की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा परेशानी की वजह ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर सजग है। जिले में 27 ऑक्सीजन प्लांट लगने हैं, इनमें से अब तक 13 शुरू हो चुके हैं तथा शेष आगामी 15 दिसम्बर तक शुरू होने की उम्मीद है। वहीं जिले में करीब दो हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हैं। सरकारी स्तर पर अभी तक ऑक्सीजन सपोर्ट 2250 बेड तैयार किए जा चुके हैं। यह तैयारी कोरोना की दूसरी लहर में एक दिन में करीब 1500 लोगों को ऑक्सीजन बेड की आवश्यकता को देखते हुए की गइ्र्र है। हालांकि जिले में पहली लहर में 350 व दूसरी लहर में 750 ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता हो सकी थी।

वैक्सीन कभी निष्क्रिय नहीं होती

वैक्सीन कभी निष्क्रिय नहीं होती, इस कारण कोरोना का नया वेरिएंट से बचाव के लिए वैक्सीनेशन जरूरी है। वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्तियों में कोरोना संभव है, लेकिन संक्रमण की दर कम रहेगी तथा मृत्यु दर भी काफी कम रहेगी। इस कारण सभी लोग कोरोना की वैक्सीन जरूर लगवाए, नए वेरिएंट से भयभीत होने की जरूरत नहीं है।

डॉ. ओपी मीणा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अलवर