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राजस्थान के इस जिले को CM गहलोत ने बताया था क्रिटिकल, वहां 7 हजार से अधिक शिकायतों का निपटारा नहीं, मुख्यमंत्री आज करेंगे समीक्षा

प्रदेश का सबसे क्रिटिकल जिला अलवर, यहां अभी तक 7 हजार से अधिक शिकायतों का निपटारा नहीं किया गया, मुख्यमंत्री गहलोत आज समीक्षा करेंगे।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

Dec 05, 2019

Alwar District : More Than Seven Thousand Complaints Pending

राजस्थान के इस जिले को CM गहलोत ने बताया था क्रिटिकल, वहां 7 हजार से अधिक शिकायतों का निपटारा नहीं, मुख्यमंत्री आज करेंगे समीक्षा

अलवर. आपरधिक वारदातों से पूरे देश में बदनाम अलवर जिले से राहत की खबर, वह प्रदेश के अपेक्षाकृत शांत समझे जाने वाले जिलों के मुकाबले शिकायतों के निस्तारण में चौथे पायदान पर है। हालांकि जिले में अभी तमाम हैल्पलाइन समेत सम्पर्क पोर्टल पर मिली 7 हजार शिकायतों का निपटारा बाकी है लेकिन अन्य जिलों की स्थिति देखते हुए ये काफी कम है। शिकायत निपटारे में जिले की गति इतनी तेज है कि उसने मात्र कुछ माह में 81 हजार 503 शिकायतों का निस्तारण कर दिया। जिले में सम्पर्क पोर्टल पर कुल 88 हजार 602 शिकायतें आई थी जिनमें से सिर्फ 7 हजार 2 शिकायतें ही लम्बित हैं।

अलवर जिले में वर्तमान में राज्य सरकार के 52 विभागों की करीब 7 हजार शिकायत लंबित है। पंचायती राज, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, राजस्व एवं को-ऑपरेटिव, नगर निकाय शिकायत लंबित होने के मामले में अन्य विभागों से आगे हैं। राज्य सरकार ने आमजन की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए राजस्थान सम्पर्क पोर्टल सीएम हेल्पलाइन 181 का प्रावधान किया है। इस सुविधा के तहत ब्लॉक स्तर पर विकास अधिकारी, तहसील स्तर पर तहसीलदार व उपखंड स्तर पर उपखंड अधिकारी को प्रतिदिन, साप्ताहिक व मासिक जनसुनवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर व जिला कलक्टर स्तर पर भी इसी तरह जन समस्याओं के निस्तारण के लिए जनसुनवाई के प्रावधान है। इसके बावजूद राजस्थान सम्पर्क पोर्टल सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों में विकास अधिकारी स्तर पर 889, तहसीलदार स्तर पर 631 एवं उपखंड अधिकारी स्तर पर 151 प्रकरणों को अभी निस्तारण का इंतजार है।

किस स्तर पर कितनी शिकायत लंबित

राजस्थान सम्पर्क पोर्टल सीएम हेल्पलाइन 181 के तहत विकास अधिकारी स्तर पर सबसे ज्यादा 889 शिकायत लंबित हैं। तहसीलदार स्तर पर 631 एवं उपखंड अधिकारी स्तर पर 151 शिकायत लंबित हैं। खास बात यह कि बानसूर उपखंड तीनों ही स्तर पर शिकायत के निस्तारण में पीछे है।


ये है लंबित शिकायतों की सूची

जिले में विभिन्न विभागों में 7 हजार से ज्यादा शिकायतों का अभी निस्तारण नहीं हो पाया है। लंबित शिकायतों के मामले में सबसे ज्यादा पंचायती राज में 1490, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य में 540, राजस्व में 538, को-ऑपरेटिव में 451, नगर निकायों में 426, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में 367, विद्युत निगम में 333, महिला एवं बाल विकास विभाग में 330, स्कील, रोजगार में 323, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता में 255, मनरेगा में 202, रसद विभाग में 182, पुलिस में 161, ग्रामीण विकास में 147, यूआईटी में 146, राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक129 शिकायतों का निस्तारण शेष है। इसके अलावा अन्य विभागों में भी शिकायतें लंबित हैं, लेकिन इनकी संख्या 100 से नीचे हैं।

सीएमओ व हेल्पलाइन स्तर पर शिकायत शेष

जिला स्तर पर आमजन की शिकायत लंबित होने के अलावा मुख्यमंत्री कार्यालय व सीएम हेल्पलाइन 181 स्तर पर भी अनेक समस्याओं का निस्तारण शेष है। शिकायत निस्तारण के मामले में जिले की स्थिति ठीक है लेकिन अभी में उसमें और सुधार की जरूरत है।
इन्द्रजीत सिंह, जिला कलक्टर अलवर