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अतिक्रमण हटाने के नाम पर अब भी टोलमटोल, यूआईटी का सुस्त रफ्तार से सर्वे, अतिक्रमी अब भी काबिज

नगर विकास न्यास ने जयपुर से टीम बुलाकर नंगली सर्किल का टोटल स्टेशन सर्वे कराया
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अलवर

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Prem Pathak

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Updated: 26 May 2018, 12:36 PM IST

Alwar : encroachment on cross point area

अतिक्रमण हटाने के नाम पर अब भी टोलमटोल, यूआईटी का सुस्त रफ्तार से सर्वे, अतिक्रमी अब भी काबिज

अलवर. नंगली सर्किल से अतिक्रमण हटाने में नगर विकास न्यास की ढिलाई अतिक्रमियों को साहस देने का काम कर रही है। शुक्रवार को यूआईटी ने जयपुर से टीम बुलाकर चौराहे का टोटल स्टेशन सर्वे कराया। जिसमें मशीन के माध्यम से चौराहे, सड़क और दुकानों के बाहर जमा अतिक्रमण को चिह्नित किया, लेकिन अतिक्रमण हटाने के नाम पर रवैया अभी भी टालमटोल है। न्यास के सर्वे और कार्रवाई की सुस्त रफ्तार के कारण अतिक्रमी अभी तक सरकारी जमीन पर काबिज हैं और शहर की जनता अतिक्रमण और जाम की परेशानी से जूझ रही है।
नगर परिषद के सहायक अभियंता पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि नंगली सर्किल का टोटल स्टेशन सर्वे के लिए शुक्रवार को जयपुर से दो तकनीकी विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई। दोहपर 12 बजे टीम ने नंगली सर्किल पर सर्वे शुरू कर दिया, जो शाम छह बजे पूरा हुआ है। छह घंटे तक सर्वे टीम ने सर्किल के चारों तरफ मशीन लगाकर सड़क, प्लेटफार्म, दुकान और अतिक्रमण को प्वाइंट चिह्नित किए। इन प्वाइंट्स के आधार पर सर्वे टीम कम्प्यूटर से ड्राइंग तैयार कर यूआईटी को सौंपेगी। ड्राइंग को जांच के लिए न्यास की आयोजना शाखा में भेजा जाएगा। जांच के बाद यह पता चल सकेगा कि सर्किल के चारों तरफ दुकानों के आगे कितना अतिक्रमण है। इसके बाद सर्किल पर दुकानों के बाहर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण के बारे में सोमवार तक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

शहर का मुख्य चौराहा और रिकॉर्ड तक नहीं

नंगली सर्किल शहर का मुख्य चौराहा है, लेकिन हैरत की बात है कि यूआईटी के पास सर्किल का आसपास की सड़क और प्लेटफार्म आदि का रिकॉर्ड ही नहीं है। जिसके कारण यूआईटी अधिकारी इतने दिन में भी यह पता नहीं लगा पाए है कि आखिर चौराहे पर कितना अतिक्रमण है। इस बारे में यूआईटी के अधिकारियों का तर्क है कि नंगली सर्किल के आसपास यूआईटी की कोई योजना नहीं है, जिसके कारण सर्किल का रिकॉर्ड नहीं है।

...तो आधे से ज्यादा शहर बे-रिकॉर्ड

यदि यूआईटी के पास इस तर्क के साथ नंगली सर्किल का रिकॉर्ड नहीं है तो फिर आधे से ज्यादा शहर के यूआईटी के रिकॉर्ड में बे-रिकॉर्ड हो सकता है। क्योंकि शहर के कई मुख्य चौराहे, बाजार और मार्ग ऐसे हैं, जिसके आसपास यूआईटी की कोई योजना नहीं है। उनके रिकॉर्ड की बात आने पर भी यूआईटी अधिकारी ये तर्क दे सकते हैं।

सर्किल से 50 मीटर आगे तक

टोटल स्टेशन सर्वे में नंगली सर्किल के चारों तरफ सर्किल से 50 मीटर आगे तक की एरिया लिया गया है। जिसमें सड़क, प्लेटफार्म, दुकान व अतिक्रमण को चिह्नित किया गया है। यूआईटी की आयोजना शाखा सर्वे रिपोर्ट के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट देगी। जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।