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BIG NEWS: एक हजार लीटर पानी के लिए कोटा के लोग रोजाना चुका रहे 4.50 लाख

भीषण गर्मी के चलते शहर में पानी की खपत भी 7.50 करोड़ लीटर रोजाना बढ़ गई है। जलदाय विभाग रोज 41.50 करोड़ लीटर पानी की सप्लाई कर रहा है।
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कोटा

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Zuber Khan

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Updated: 26 May 2018, 12:18 PM IST

Water Crisis in kota

BIG NEWS: एक हजार लीटर पानी के लिए कोटा के लोग रोजाना चुका रहे 4.50 लाख

कोटा . भीषण गर्मी के चलते शहर में पानी की खपत भी 7.50 करोड़ लीटर रोजाना बढ़ गई है। जलदाय विभाग रोज 41.50 करोड़ लीटर पानी की सप्लाई कर रहा है, जबकि सर्दी में यह आपूर्ति 34 करोड़ लीटर पानी की थी। बढ़ी जलापूति से शहर की जनता पर रोजाना 4.50 लाख का अतिरिक्त भार पड़ रहा है।

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जलदाय विभाग के अधीशासी अभियंता नरेंद्र मोहन ने बताया कि गर्मी के दिनों में एक व्यक्ति को प्रतिदिन 200 लीटर पानी चाहिए होता है। औसतन एक परिवार में 5 सदस्यों को प्रतिदिन एक हजार लीटर पानी अपनी जरूरत पूरी करने के लिए चाहिए होता है।

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खास बात यह कि बावजूद इसके शहर में जल संकट गहराता जा रहा है, कई कॉलोनियों, मोहल्लों में पेयजल की समस्या विकट है। रेलवे स्टेशन, महात्मागांधी कॉलोनी, प्रेमनगर, डीसीएम, गोविंदनगर, अनंतपुरा आदि क्षेत्रों में दो-तीन दिन में एक बार जलापूर्ति हो रही है। उपभोक्ताओं को रात-रात भर पानी के लिए जागरण करना पड़ रहा है।

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गुप्ता ने बताया कि सर्दी में 34 करोड़ तो गर्मी में 41.50 करोड़ पानी की शहर में रोजाना सप्लाई होती है। 1000 लीटर पेयजल आपूर्ति करने में 6 रुपए का खर्चा आता है। ऐसे में 7.50 करोड़ लीटर पानी की रोजाना अधिक सप्लाई करने में रोजाना 4.50 लाख रुपए ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं।

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रातभर चलते हैं बूस्टर
दादाबाड़ी, जवाहर नगर, लाडपुरा, रामपुरा, शोपिंग सेंटर, छावनी, रामचंद्रपुरा, कोटड़ी, विज्ञाननगर आदि क्षेत्रों में कम दबाव से जलापूर्ति होने पर उपभोक्ता रात भर बूस्टर चलाते हैं। गली मोहल्लों में दूर तक बूस्टरों की आवाज आती रहती है। गर्मी, तेज धूप के चलते टंकियों में 24 घंटे उबलने जैसा पानी रहता है। नलों में भी हमेशा गर्म पानी आता है।