
अलवर गजेटियर 53 साल बाद होगा अपडेट
अलवर. जिले के भौगोलिक, ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक व आर्थिक परिदृश्य को परिलक्षित करने के लिए वर्ष 1968 प्रकाशित अलवर गजेटियर को अब फिर से अपडेट किया जाएगा। जिला गजेटियर के सम्पूर्ण की जांच के लिए जिला स्तर पर कमेटी का गठन किया गया है। आमजन भी अलवर गजेटियर का अवलोकन कर अपेक्षित संशोधन सुझाव तथ्यों सहित दे सकेंगे।
अलवर गजेटियर का 1968 के बाद पहली बार अपडेशन व लेखन का कार्य कराया जा रहा है। जिला गजेटियर लेखन के लिए सम्पूर्ण ड्राफ्ट सहायक निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिक विभाग के माध्यम से आयोजना विभाग जयपुर की ओर से तैयार किया गया है। जिला गजेटियर अधिकृत व प्रमाणिक दस्तावेज है, जो सम्पूर्ण जिले का भौगोलिक, ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक व आर्थिक परिदृश्य को प्रदर्शित करता है। यह गजेटियर उच्च स्तर का शोध ग्रंथ भी है। जिला गजेटियर के सम्पूर्ण ड्राफ्ट की जांच के लिए जिला स्तरीय संपादक मंडल का गठन किया गया है। यह मंडल जिला गजेटियर की बारिकी से जांच करेगा, जिससे मद्रण से पूर्व कोई त्रुटि नहीं रहे।
आम व्यक्ति भी कर सकता है अवलोकन
जिला गजेटियर का आम व्यक्ति भी अवलोकन कर सकते हैं। जिला गजेटियर ड्राफ्ट जिला पोर्टल पर उपलब्ध है। आम व्यक्ति इस गजेटियर का अवलोकन कर इसमें संशोधन व सुझाव दे सकते हैं, लेकिन व्यक्ति को संशोधन व सुझाव के लिए तथ्य देना अनिवार्य होगा। आम व्यक्ति यह सुझाव कार्यालय सहायक निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की ई मेल आईडी पर आगामी 31 मार्च तक दे सकते हैं। कार्यालय के दूरभाष नम्बर पर भी सम्पर्क किया जा सकता है।
जिला गजेटियर में हैं 18 अध्याय
अलवर जिला गजेटियर में 18 अध्याय हैं, जो कि जिले के विभागों, पुस्तकालयों, इतिहासकारों, लेखकों आदि से संकलित कर लिखे गए हैं। ये सभी अध्याय मे दर्ज सूचनाओं की पूर्व में अध्यायवार जांच कमेटी गठित कर जांच कर करवाई गई। बाद में जिला गजेटियर को लेकर प्राप्त संशोधनों के बाद आयोजना विभाग की ओर से इसका सम्पूर्ण ड्राफ्ट तैयार किया गया है। जिला गजेटियर अलवर के इस ड्राफ्ट के 18 अध्यायों में जिले की अर्थ व्यवस्था, इतिहास एवं संस्कृति, कृषि, सिंचाई, शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था आदि की जानकारी को शामिल किया गया है। इसके ड्राफ्ट को तैयार करने में करीब दो साल का समय लगा है।
15 सदस्यीय मंडल करेगा ड्राफ्ट का अवलोकन
अलवर जिला गजेटियर ड्राफ्ट के अवलोकन के लिए 15 सदस्यीय संपादक मंडल गठन किया गया है। इसमें जिला कलक्टर, मत्स्य विवि के कुलपति सहित अनेक विभागों के अधिकारी, सह आचार्य, सेवानिवृत प्राचार्य, इतिहासकार, व्याख्याता, लेखक आदि को शामिल किया गया है।
Published on:
24 Mar 2022 12:44 am
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