इसका परिणाम यह रहा कि यहां नामांकन 500 से बढकऱ 700 को पार कर गया। मामोडिया परिवार के रामस्वरूप मामोडिया, हरिकिशन, सुरेश व तुलसी मामोडिया ने इसके लिए स्कूल में विकास कार्यों के लिए हर संभव राशि देने का वायदा करते हुए कहा कि इसके लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी और यही हुआ। इसी परिवार के लोगों ने 60 वर्ष पूर्व इस स्कूल मे 15 कमरे बनाए थे। उस समय इस परिवार के लोग जयनारायणइस परिवार के वंशजों को बुलाकर दुबारा से स्कूल में विकास कार्य करवाए गए जो यहां प्रेरणा स्रोत बन गया है। थानागाजी से दूर होने के कारण इस परिवार के लोगों ने यहां 1960 में स्टाफ के लिए क्वार्टर तक बनवाए और तत्कालीन सरकार को एक साल तक शिक्षकों का वेतन तक देने की घोषणा की। इस परिवार के लोग गांव छोड़ चुके थे जिन्हें प्रधानाध्यापक और शिक्षक सुरेश शर्मा ने वार्षिकोत्सव में बुलाया और ये विकास कार्य हो सका।