
करोड़पति बनने का ख्वाब देखकर इसने किया मुकेश मित्तल का अपहरण, जानिए कौन है किडनैपिंग का मास्टर माइंड
अलवर. व्यापारी मुकेश मित्तल का अपहरण व लूट की वारदात को अंजाम देने मुख्य सूत्रधार उनका कर्मचारी भूपेन्द्र राजपूत निकला। करोड़पति बनने के ख्वाब ने भूपेन्द्र और उसके साथियों को अपराध के दलदल में उतार दिया। भूपेन्द्र ने अपने साथियों को तैयार कर गैंग बनाई और फिर हथियारों की नोक पर अपहरण और लूट की वारदात को अंजाम दे डाला।
सूत्रों के मुताबिक भूपेन्द्र राजपूत पिछले कई साल से मुकेश मित्तल के मारुति के एमजी मोटर्स शोरूम पर कलेक्शन का काम करता है। रोजाना शाम को मुकेश मित्तल के भाई राजेश मित्तल रोजाना शाम को भूपेन्द्र को एमजी मोटर्स से कैश देकर अपने मोती डूंगरी स्थित घर भेजते थे। भूपेन्द्र घर आकर मुकेश मित्तल के रूम में कैश संभलाकर जाता था। रोजाना घर आने के कारण भूपेन्द्र परिवार के सभी लोगों से परिचित था और गार्ड व नौकरों को भी जानता था। साथ ही उसको यह भी पता था कि घर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। करीब डेढ़ माह पहले भूपेन्द्र का ट्रांसफर एमजी मोटर्स के केसरपुर स्थित सर्विस स्टेशन पर कर दिया गया। इसके बाद भूपेन्द्र का घर कैश लाना बंद हो गया। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर व्यापारी मुकेश मित्तल के अपहरण और घर में लूट की साजिश रची। वारदात से पहले भूपेन्द्र ने कई बार मित्तल के घर के आसपास घूमकर रैकी भी की।
पल्सर से कार को एस्कार्ट देते चले बदमाश
वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश व्यापारी मित्तल को उसकी कार में ही पटककर भागे। कार के आगे-आगे पल्सर बाइक एस्कॉर्ट के रूप में भूपेन्द्र और एक अन्य बदमाश चले। बाइक के पीछे-पीछे कार चली। वारदात करने के बाद बदमाश पुलिस अन्वेषण भवन के सामने से होते हुए प्रताप ऑडिटोरियम के पास से अंदर घुसे और कालाकुआं रोड पर निकले। वहां देवयानी हॉस्पिटल के पास मोबाइल फेंके। इसके बाद कालाकुआं टैम्पो स्टैण्ड से कालाकुआं चुंगी पर पहुंचे। वहां से घोड़ाफेर चौराहा, अशोका टॉकीज, त्रिपोलिया व सुभाष चौक होते हुए महल चौक पहुंचे।
Updated on:
18 Sept 2018 01:38 pm
Published on:
18 Sept 2018 01:37 pm
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