
व्यापारी मुकेश मित्तल किडनैप मामले में हुआ बड़ा खुलासा, अगर ऐसा नहीं होता हो जाती बड़ी अनहोनी
व्यापारी मुकेश मित्तल अपहरण प्रकरण में नया खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार भूपेन्द्र ने करीब दो-तीन महीने पहले ही अपहरण की येाजना बना ली थी। इस लेकर कई बार मित्तल के घर के आस-पास की रैकी की गई। लेकिन पिछले कुछ माह पहले से पुलिस पेट्रोलिंग रात 12 बजे की बजाय 11 बजे से हो चुकी है। यह व्यवस्था बदमाशों के लिए सिरदर्द बन गई थी। बाद में रात करीब 10 बजे अपहरण करने की योजना बनाई। ताकि पुलिस पेट्रोलिंग से पहले शहर से बाहर निकल जाएं। वे पहले मुकेश को अगवा कर जल्दी से जल्दी शहर से पार होना चाहते थे, अगर बदमाश मुकेश को शहर से बाहर ले जाते तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी।
इधर मित्तल के अपहर्ताओं से छूटने के दूसरे दिन मंगलवार को भी उनके घर पर सैकड़ों लोग मिलने पहुंचे। मित्तल ने अपने घर पर गनमैन व एक अतिरिक्त गार्ड और लगा दिया है। जल्दी ही सीसीटीवी कैमेर लगाए जाएंगे।
मोबाइल अभी पुलिस के पास
अपहरण करने के बाद मुकेश मित्तल, उनकी पत्नी सहित परिवार के तीन जनों के मोबाइल भी साथ ले गए थे। मोबाइल रास्ते में फेंक दिए गए। जो अभी पुलिस के पास हैं।
बेटे के फोन ने बचाया
अपहरण के दौरान मुकेश मित्तल के भाई राजेश मित्तल का बेटा भी घर में था। जिस पर बदमाशों की नजर नहीं पड़ी। वह बदमाशों को देखकर पहले ही कमरे में घुस गया। अन्दर से कुंदी लगा ली। इसके बाद उसने खुद के पापा राजेश मित्तल को फोन किया। तब तक आठ से दस मिनट ही हुए थे। फिर पुलिस को सूचना देने के बाद नाकाबंदी हो गई। जिसके डर के कारण अपहर्ताओं ने मित्तल को शहर से बाहर ले जाने की बजाय भूपेन्द्र के घर लेकर चले गए।
पुलिस गश्त की बढ़ी
शहर के वीआईपी इलाके से रात 10 बजे बड़े व्यवसायी मुकेश मित्तल के अपहरण के बाद से ही पुलिस चौकस हो गई है। पुलिस ने मोती डूंगरी व शहर के अन्य क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है। इसके साथ ही अब शहर की सीमा पर रात को पुलिस तैनात की जा रही है।
Published on:
19 Sept 2018 10:03 am
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