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भाजपा और कांग्रेस ने पुरानी टीम पर क्यूं लगाया दांव

भाजपा व कांग्रेस की ओर से जारी की गई प्रत्याशियों की सूची में पुरानी टीम पर ही भरोसा करना पड़ा। कांग्रेस के मंत्री टीकाराम जूली और भाजपा के संजय शर्मा, मंजीत चौधरी और हेमसिंह भड़ाना अब फिर चुनावी पिच पर 'बैटिंग' करते दिखाई देंगे। कांग्रेस ने मुण्डावर से ललित यादव को मैदान में उतारा, वे भी कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं। अलवर जिले में अब तक भाजपा ने 6 व कांग्रेस ने 2 प्रत्याशी उतारे है। अभी जिले की दो सीटों पर चुनावी तस्वीर साफ हुई है

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अलवर

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Prem Pathak

Oct 22, 2023

political news

,भाजपा और कांग्रेस ने पुरानी टीम पर क्यूं लगाया दांव

विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा व कांग्रेस ने शनिवार को प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। भाजपा ने जहां दूसरी सूची जारी की। वहीं कांग्रेस ने पहली। दोनों ही पार्टियों की जारी सूची में आए नामों से साफ है कि पार्टियों ने सिटिंग विधायकों पर भरोसा जताया है। भाजपा ने जहां अलवर शहर से विधायक संजय शर्मा, मुंडावर से विधायक मंजीत धर्मपाल चौधरी व थानागाजी से पूर्व मंत्री हेम सिंह भड़ाना को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस ने कैबिनेट मंत्री टीकाराम जूली को अलवर ग्रामीण व मुंडावर सीट से ललित यादव पर दांव लगाया है। ये अधिकांश प्रत्याशी अपनी पार्टी की पुरानी टीम का ही हिस्सा रहे हैं जो इस बार बैटिंग करते नजर आएंगे। राजनीतिक पंडित कहते हैं कि भाजपा की दूसरी सूची के आधार पर यही गणित लगाया जा सकता है कि पार्टी अपनी पुरानी भूल को सुधार रही है। यही कारण है कि पुराने चेहरों को इस बार तरजीह दी गई है। कांग्रेस की पहली सूची में कई दिग्गजों के नाम नहीं मिलने पर पार्टी कार्यकर्ताओं के अलावा दावेदार भी अंचभित हैं। उनकी नींद उड़ी हुई है।
पार्टियों ने की जातीय संतुलन साधने की पूरी कोशिश
दोनों प्रमुख दल भाजपा व कांग्रेस ने जारी सूचियों में जातीय संतुलन साधने का प्रयास किया है। भाजपा प्रत्याशियों की दो सूचियां एवं कांग्रेस की पहली सूची जारी होने के बाद अलवर जिले में चुनावी बिसात जमने लगी है।

दो सीटों पर कांग्रेस व भाजपा आमने- सामने
प्रत्याशियों की सूचियां जारी होने के बाद जिले की दो सीटों पर भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो गई है। इनमें मुण्डावर में भाजपा के मंजीत चौधरी व कांग्रेस प्रत्याशी ललित यादव के बीच चुनावी मुकाबला होने के आसार हैं। वहीं अलवर ग्रामीण में कांग्रेस प्रत्याशी और वर्तमान में कैबिनेट मंत्री टीकाराम जूली एक बार फिर आमने- सामने हैं। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भी ये दोनों ही प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे।

भाजपा में पांच सीटों पर पेच अटका, कांग्रेस की 9 सीटों पर इंतजार
भाजपा प्रत्याशी घोषणा में बाजी मारकर दो सूचियां जारी कर चुकी है। लेकिन अभी पांच सीटों पर प्रत्याशियों का इंतजार है। इनमें रामगढ़, राजगढ़- लक्ष्मणगढ़, कठूमर, बहरोड़ एवं किशनगढ़बास में अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वहीं कांग्रेस अभी 11 में से महज दो ही सीट अलवर ग्रामीण व मुण्डावर पर ही प्रत्याशियों की घोषणा कर पाई है। यानी अभी 9 सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों का इंतजार है।
पिछले विधानसभा चुनाव का भी इस घोषणा पर असर

भाजपा व कांग्रेस की ओर से घोषित सूचियों में गत विधानसभा चुनाव परिणाम का भी असर देखने को मिल रहा है। अलवर शहर से भाजपा के संजय शर्मा ने कांग्रेस प्रत्याशी को 22 हजार से ज्यादा मतों से पराजित किया। वहीं मुण्डावर में कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने पर बसपा से चुनाव लड़े ललित यादव काे भाजपा के मंजीत चौधरी ने17 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। ललित यादव ने 55 हजार से ज्यादा वोट लिए। वहीं थानागाजी में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़े पूर्व मंत्री हेमसिंह भड़ाना दूसरे नम्बर पर रहे और 34 हजार से ज्यादा वोट लिए। इसी प्रकार अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी टीकाराम जूली ने 26 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की। दोनों ही प्रमुख दलों ने टिकट वितरण में पिछले चुनाव परिणाम को तरजीह दी।
भाजपा व कांग्रेस दिग्गजों को अभी टिकट का इंतजार

प्रमुख दलों की ओर से प्रत्याशियों की सूचियां जारी होने के बावजूद भाजपा एवं कांग्रेस के कई दिग्गजों को अभी टिकट का इंतजार है। कांग्रेस में कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत, विधायक सफिया जुबेर खां, पूर्व मंत्री दुर्रुमियां एवं कई मौजूदा विधायकों के टिकटों पर अभी निर्णय होना शेष है। वहीं भाजपा में कई पूर्व विधायक टिकट मिलने का इंतजार कर रहे हैं।