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फर्जी आम्र्स लाइसेंस मामले में पूछताछ जारी, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी

अलवर. जिला कलक्टर कार्यालय के बाबू और संविदाकर्मी कम्प्यूटर ऑपरेटर की ओर से फर्जी आम्र्स लाइसेंस बनाने के मामले में पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। मामले में जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है।
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अलवर

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Prem Pathak

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Updated: 23 Jun 2020, 11:56 PM IST

फर्जी आम्र्स लाइसेंस मामले में पूछताछ जारी, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी

फर्जी आम्र्स लाइसेंस मामले में पूछताछ जारी, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी

अलवर. जिला कलक्टर कार्यालय के बाबू और संविदाकर्मी कम्प्यूटर ऑपरेटर की ओर से फर्जी आम्र्स लाइसेंस बनाने के मामले में पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। मामले में जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है।
शहर कोतवाल अध्यात्म गौतम ने बताया कि जिला कलक्टर कार्यालय के लिपिक दुर्गेश चौला और संविदाकर्मी कम्प्यूटर ऑपरेटर सुशील अरोड़ा ने मिलकर फर्जी आम्र्स लाइसेंस जारी कर दिए। मामले का खुलासा होने पर अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) उत्तमसिंह शेखावत ने दोनों आरोपियों के खिलाफ शहर कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जिन तीन लोगों के नाम से फर्जी आम्र्स लाइसेंस बनाए गए हैं। उनसे पूछताछ और बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभी कोई दबिश नहीं दी गई है। पूछताछ और बयानों की कार्रवाई पूरी होने के बाद जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

प्रशासनिक समिति जांच की तैयारी में जुटी

फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण की जांच के लिए गठित प्रशासनिक समिति ने मामले की जांच की प्रारंभिक तैयारी शुरू कर दी। समिति अध्यक्ष की ओर से अन्य सदस्यों व शाखा प्रभारी से पत्राचार शुरू करने के साथ ही आवश्यक पत्रावली व जांच के बिंदुओं के लिए दस्तावेज जुटाने का कार्य शुरू किया है। जल्द ही प्रकरण से जुड़े लोगों के बयान एवं अन्य कार्रवाई की जाएगी।

दो साल में जारी शस्त्र लाइसेंस की जांच करा लें
फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में कलक्टर कार्यालय के निलम्बित बाबू के कार्यकाल के दौरान जारी किए गए अन्य शस्त्र लाइसेंस धारियों को भी अपने लाइसेंस की जांच करा लेनी चाहिए, जिससे उनमें किसी प्रकार की फर्जकारी हुई हो तो सामने आ सके। यह बाबू दो साल से शस्त्र लाइसेंस जारी करने की शाखा में पदस्थापित रहा है।